- सात करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर हुई नाला सफाई

- 595 नाला है शहर में

- 112 बड़े नाले हैं

- 483 छोटे नाले हैं

- 98 करोड़ रुपये छोटे नालों की सफाई में खर्च हुआ

- 239470 मीटर छोटे नालों की सफाई

- 30065 मीटा बड़े नालों की सफाई

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। वर्षा ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया। शुक्रवार को हुई वर्षा से नालों के ओवर फ्लो करने से पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो गई। लोगों के घरों में पानी भर गया। शहर की एक भी सड़क ऐसी नहीं दिखी जिस पर जलभराव न हुआ हो।

यह समस्या जल निकासी के लिए बने नाले की सही से सफाई न होने का कारण बनी। जर्जर सड़कों पर जलभराव होने से मोटर साइकिल और साइकिल वाले राहगीर गिर जा रहे थे।

वर्षा समाप्त होने के एक घंटे बाद भी लोगों को जलभराव परेशान होना पड़ा। स्मार्ट सिटी की सड़कों पर पानी जाने से सड़कों पर तालाब जैसा नजारा दिखने लगा था। कूड़े एवं गंदगी से पटे नाले वर्षा के कारण उफना गए। मुख्य सड़कों पर वर्षा और नाले का गंदा पानी फैल गया। राहगीरों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।

निरंजन डाट पुल के नीचे पानी भर जाने से सिविल लाइंस से जानसेनगंज आने जाने का रास्ता एक घंटे से अधिक समय तक बंद रहा। पुल के नीचे से पानी निकलने में एक घंटे से अधिक का समय लगा। हिन्दू हास्टल, मनमोहन पार्क, प्रधान डाकघर, सिविल लाइंस, कटरा, चौक, कचहरी,ताशकंद मार्ग, एमजी मार्ग, सरदार पटेल मार्ग,जार्जटाउन में जलभराव रहा। हटिया, राजापुर, अशोकनगर, हिम्मतगंज, करेली, गड्ढ़ा कालोनी में रहने वाले लोगों के घरों में पानी भर गया।

नगर आयुक्त ने कहा

जलभराव की समस्या से लोगों को परेशान न होना पड़े इसके लिए उचित प्रबंध किया जाएगा। जहां-जहां जलभराव होता है वहां पर जल निकासी का ठोस इंतजाम किया जाएगा।

चंद्रमोहन गर्ग, नगर आयुक्त,प्रयागराज

Edited By: Ankur Tripathi