प्रयागराज, जागरण संवाददाता। ससुर खदेरी नदी पर अवैध तरीके से पुल बनाने के आरोपित गुलबहार के फाइनेंसर की भी तलाश तेज हो गई है। पुलिस और प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारी यह पता लगाने में जुट गए हैं कि नदी पर पुल बनाने के लिए किस-किस ने पैसा दिया था। वह कौन लोग हैं और उनकी आमदनी का स्रोत क्या है।

अफसरों को यह भी पता चला है कि अभियुक्त ने प्लाटिंग के लिए ही पुल का निर्माण कराया है। जब इसकी जांच शुरू हुई तो उसने अपनी करतूत छिपाने के लिए कुछ लोगों का सहारा लिया। छानबीन में यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि गुलबहार अवैध तरीके से जमीन की खरीद-फरोख्त कर करोड़ों रुपये की कमाई की है। उसके इस काम में करेली, धूमनगंज, खुल्दाबाद, सिविल लाइंस, शाहगंज समेत कई मोहल्ले के कतिपय छोटे-छोटे प्रापर्टी डीलर भी मदद करते थे। ऐसे लोगों की पूरी कुंडली और उनके कारोबार की जानकारी खंगाली जा रही है। माना जा रहा कि तफ्तीश में अवैध प्लाटिंग का बड़ा गिरोह सामने आ सकता है, जिसके बाद इन सबके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। नदी पर प्लाटिंग का यह मामला लगातार सुर्खियों में बना है। इसकी जानकारी शासन तक होने की बात सामने आ रही है जिसकी वजह से सख्ती की जा रही है।

प्रयागराज के चौराहों को संवारने का काम शुरू

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अरविंद चौहान के निर्देश पर बुधवार को शहर के चौराहों को संवारने का काम शुरू हो गया। शहर के सुंदरीकरण और पर्यावरण संतुलन के मद्देनजर विभिन्न चौराहों पर ग्रीनरी विकसित की गई है। लेकिन, बारिश के कारण चौराहों पर खर-पतवार बढ़ जाने से वह अव्यवस्थित दिखने लगे थे। लिहाजा, उसे संवारने के निर्देश उपाध्यक्ष ने दिए थे। उद्यान निरीक्षक अरविंद मिश्रा के नेतृत्व में म्योहाल चौराहा, बांगड़ धर्मशाला चौराहा, पंडित मदन मोहन मालवीय चौराहा, लेप्रोसी मिशन चौराहों की सफाई, पौधों की कटिंग आदि काम कर्मचारियों द्वारा शुरू किया गया। सभी चौराहों की साफ-सफाई और सुव्यस्थित करने का काम एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

Edited By: Ankur Tripathi