प्रयागराज, जेएनएन। नकली दवा का सौदागर अनुपम गोस्वामी प्रयागराज की पुलिस के लिए एक पहेली बनकर रह गया है। करीब तीन माह बाद भी पुलिस सिर्फ उसके नाम-पता के अलावा उसके बारे में कोई भी जानकारी हासिल नहीं कर सकी है। यह तब है जब फरार अनुपम गोस्वामी के पीछे खुल्दाबाद पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच और नारकोटिक्स टीम लगी है। लेकिन उसके शातिर दिमाग ने पुलिस की सारी कवायद पर पानी फेर दिया है। 

भाई पकड़ा गया पर खुद निकल गया

अनुपम गोस्वामी कितना शातिर है, उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसका भाई तो पुलिस की गिरफ्त में आ गया, लेकिन वह ऐन मौके पर भाग निकला। अनुपम के भाई अनुराग को पुलिस ने बाई का बाग के जिस होटल से गिरफ्तार किया था, यहां अनुपम भी मौजूद था। लेकिन पुलिस के पहुंचने के पांच मिनट पहले वह यहां से निकल गया था। 

पकड़ी गई थी पौने दो करोड़ की दवा

खुल्दाबाद पुलिस ने एक चार पहिया वाहन पर लदी लाखों की नकली दवा बरामद की थी। इसके बाद वाहन चालक की निशानदेही पर अतरसुइया स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर लाखों की दवा पकड़ी थी। करीब डेढ़ माह बाद अनुपम के भाई की गिरफ्तारी के बाद अतरसुइया में ही चार गोदाम में छापेमारी कर डेढ़ करोड़ से अधिक की दवा बरामद की गई थी। इसमें काफी दवा नकली थी। 

आत्मसमर्पण की फिराक में था, कई कर रहे थे मदद

फरार होने के बाद अनुपम गोस्वामी की कई लोगों ने पुलिस से बचाने के लिए उसकी मदद की। न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए पूरी रणनीति बनाई, लेकिन भनक पुलिस को लगी तो उसने कचहरी के आसपास जाल बिछा दिया, जिस कारण अनुपम और उसके मददगार विफल हो गए। अनुपम के मददगार कौन हैं, इस बारे में पुलिस अभी कुछ नहीं बोल रही है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद सब कुछ सामने आएगा। 

लगातार की जा रही सुरागरसी : विनीत

खुल्दाबाद इंस्पेक्टर विनीत सिंह का कहना है कि फरार अनुपम गोस्वामी की लगातार सुरागरसी की जा रही है। उसके बारे में कुछ जानकारियां मिली हैं, जिस पर काम भी चल रहा है। जल्द ही सफलता मिलेगी।

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