प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज के फाफामऊ में गुरुवार को महज गांव समाज की जमीन को लेकर एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। यह कारण सभी को अचंभित कर रहा है। हालांकि बयान, परिस्थितियां और पुरानी घटनाओं से समानता दूसरी ओर भी इशारा कर रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बढ़ी वारदात की असली वजह क्या है।

घटना के पीछे कुछ और हो सकती है असली वजह

कहा जा रहा है कि गांव समाज की जमीन बहुत ज्यादा नहीं है। उसकी कीमत भी लाखों रुपये नहीं है। भूमि विवाद को लेकर मुकदमा दर्ज कराने वाला मृतक नहीं बल्कि उसके भाई की पत्नी है। अलबत्ता मृतक परिवार विपक्षियों के खिलाफ पैरवी कर रहा था। नामजद आरोपियों से झगड़ा मृतक के भाइयों से भी था। इस आधार पर घटना के पीछे भूमि विवाद की वजह कमजोर पड़ रही है। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करना और फिर उसके माता-पिता, छोटे भाई की नृशंस हत्या करना अवैध संबंंध अथवा आशनाई की ओर शक की सुई घुमा रही है।

जमीन, अवैध संबंध आदि बिंदुओं पर भी एसटीएफ व पुलिस तफ्तीश

कुछ घटनाओं में ऐसा भी हुआ है कि दो व्यक्तियों की दुश्मनी का फायदा तीसरे शख्स ने उठाया था। लिहाजा इस घटना में ऐसी आशंका से इन्कार नहीं किया जा रहा है। यह भी संभव हो सकता है कि नामजद आरोपित मृतक परिवार की वजह से इतना परेशान हुए हों कि उन्होंने कत्ल की सुपारी किसी को दी हो। फिलहाल स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ और पुलिस की टीम जमीन, अवैध संबंध से लेकर कई बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है।

किशोरी के मोबाइल की निकलवाई जा रही सीडीआर

सनसनीखेज हत्याकांड में भले ही पीडि़त परिवार की ओर से नामजद एफआइआर कराई गई है। वहीं पुलिस इस घटना को लेकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का काम भी कर रही है। इसके लिए मृतक किशोरी के मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) निकलवाई जा रही है। ताकि आशनाई के ङ्क्षबदु पर जांच को आगे बढ़ाया जाए और फिर मिले सुराग के आवश्यक कार्रवाई हो। अभियुक्तों की भी सीडीआर निकलवाई जा रही है।

बिहार गैंग के बदमाशों पर भी संदेह

चार लोगों की हत्या में कुल्हाड़ी का प्रयोग करना, बिहार गैंग के बदमाशों पर शक जता रहा है। बदमाश कुल्हाड़ी, सरिया जैसे हथियार का इसीलिए प्रयोग करते हैं, ताकि आवाज बाहर न जाए। गोली मारने पर आसपास के लोगों को पता चल जाता है। कुछ दिन पहले पुलिस ने बिहार गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। बताया गया था कि गैंग ने मांडा व नवाबगंज में लूट, हत्या और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। उस गिरोह के चार नामजद सदस्य अभी फरार हैं। फाफामऊ की घटना से कुछ पुरानी घटनाओं में समानता दिख रही है। हालांकि इस मामले में लूट नहीं हुई। लिहाजा नामजद मुकदमा के बावजूद क्राइम ब्रांच और एसओजी की टीम के बदमाशों की तलाश में जुटी है।

Edited By: Brijesh Srivastava