प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद करीब साढ़े चार साल से चल रही है। प्रयास के बाद भी ज्यादातर क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं बेहतर नहीं हो सकी हैं। नगर निगम प्रशासन सफाई व्यवस्था पर सबसे ज्यादा धनराशि खर्च करता है, पर वही पटरी से उतरी हुई है। शहर के वीआइपी इलाके टैगोर टाउन और हासिमपुर के हालात भी नहीं बदल सके हैं। अधिकतर सड़कें खस्ताहाल हैं। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है।

सड़क पर मलबे, नालियों में सिल्‍ट जमा

कुंदन गेस्ट हाउस के सामने से बालसन चौराहा की तरफ जाने वाली रोड पर पग-पग पर मलबे के ढेर लगे हैं। टैगोर टाउन पावर हाउस के सामने सड़क खस्ताहाल है। गड्ढे होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। नाले और नालियों की सफाई न होने व सिल्ट न निकाले जाने से मच्छरों का आतंक है। न तो एंटी लार्वा का छिड़काव हो रहा है और न ही फागिंग कराई गई है।

मवेशियों के झुंड से लगता है जाम

आरओबी के निर्माण के कारण बक्शी बांध और हासिमपुर रोड पर आवागमन लगभग ठप है। इससे वाहन चालकों को अल्लापुर से बालसन की तरफ वाली रोड से आना-जाना पड़ता है। सुबह-शाम इस रोड पर मवेशियों का झुंड निकलने के कारण जाम लगता है, जिससे लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।

जानें लोगों का दर्द

हासिमपुर रोड निवासी सुशील श्रीवास्‍तव कहते हैं कि आरओबी निर्माण की गति बहुत धीमी है। इसकी वजह परेशानी उठानी पड़ती है। जाम भी लगा रहता है। टैगोर टाउन के डाक्‍टर दीप्ति योगेश्‍वर ने कहा कि मवेशियों के कारण बहुत परेशानी होती है। रोड पर गाडिय़ां खड़ी हो जाती हैं जिससे जाम लगता है। टैगोर टाउन की ही रेखा घोष बोलीं कि डेंगू फैला है फिर भी फागिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव काफी समय से नहीं हुआ। सफाई न होने से गंदगी भी रहती है। इसी मोहल्‍ले की मीनाक्षी श्रीवास्‍तव ने कहा कि पहले नालियों की सफाई होती थी। अब सिल्ट न निकलने से नालियां बजबजाती रहती हैं। सड़कें भी खराब हैं।

रोड खोदाई की वजह से सड़कें खराब हुईं : पार्षद नंदलाल

इलाके के पार्षद नंदलाल कहते हैं कि पावर हाउस के सामने की रोड खोदाई के कारण खराब हो गई। आरओबी निर्माण के कारण नाले में मिट्टी चली गई। जवाहर लाल नेहरू रोड के नाले की ठीकेदार ने सफाई ठीक से नहीं की। लोगों ने रैंप बना लिए हैं, जिससे नालियों की सफाई में परेशानी होती है। फतेहपुर बिछुआ में गोबर नाली और सीवर में बहाया जाता है। पशुपालकों के खिलाफ अधिकारी कार्रवाई भी नहीं करते हैं। खराब सड़कों के बनने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। सफाईकर्मियों की भी कमी है।

Edited By: Brijesh Srivastava