प्रयागराज, जागरण संवाददाता। प्रयागराज के लोगों के लिए यह अच्‍छी खबर है। इस बार प्रयागराज का ऐतिहासिक श्रीराम दल निकाला जाएगा। रामदल तो निकलेगा लेकिन इसमें चौकियां नहीं शामिल होंगी। यह निर्णय प्रयागराज की रामलीला कमेटियों ने लिया है। उल्‍लेखनीय है कि यहां का दशहरा भव्‍यता से मनाया जाता है। नवरात्र की पंचमी से विजयदशमी तक अलग-अलग मोहल्‍लों में चौकियां निकाली जाती हैं। चौकियां कलात्‍मक और श्रृंगार की होती हैं। यहां के दशहरा को देखने के लिए आसपास के जनपदों से भी लोग काफी संख्‍या में आते हैं। रामदल निकलने वाले मार्गों पर आकर्षक बिजली की सजावट भी होती है। 

रामलीला महासंघ की बैठक में लिया गया निर्णय

शारदीय नवरात्रि पर प्रतिदिन श्रीराम का दल निकाला जाएगा, लेकिन चौकियों की संख्या नहीं रहेगी। यह निर्णय श्रीकटरा रामलीला कमेटी के प्रांगण में हुई रामलीला महासंघ की बैठक में लिया गया। मौजूद वक्ताओं ने कहा कि कोरोना का भय दिखाकर श्रीराम का दल रोकना अनुचित है। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि राजनीतिक दल बड़ी-बड़ी जनसभाएं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में श्रीराम का दल निकालने की परंपरा को रोकना गलत है। रामलीला कमेटी परंपरा का निर्वाहन करने के लिए मात्र श्रीराम का दल निकालेगी उसमें चौकियां शामिल नहीं की जाएंगी।

दशहरा महोत्‍सव को लेकर प्रशासन ने अभी गाइडलाइन जारी नहीं की

संयोजन कर रहे गोपालबाबू जायसवाल ने कहा कि दशहरा महोत्सव को लेकर प्रशासन ने अभी तक कोई गाइडलाइन जारी न होना चिंताजनक स्थिति है। अगर प्रशासन अनुमति नहीं देगा तब भी श्रीराम का दल निकाला जाएगा। सड़क पर सजावट व अधिक चौकियों को शामिल नहीं किया जाएगा। विहिप नेता नवीन जायसवाल ने भी दशहरा में श्रीराम का दल निकालने की परंपरा कायम रखने पर जोर दिया। अजय जायसवाल, शंकर सुमन, कुल्लू यादव, अरङ्क्षवद पांडेय ने कहा कि प्रयागराज में दशहरा पर श्रीराम का दल निकालने की प्राचीन परंपरा है, उसे कोविड-19 नियम का पालन करते हुए हर हाल में कायम किया जाएगा। स्वागत सुधीर कुमार गुप्त कक्कू ने किया। बैठक में शंकरलाल चौरसिया, अश्वनी केशरवानी, आलोक यादव, राकेश जायसवाल आदि ने विचार व्यक्त किए।

Edited By: Brijesh Srivastava