प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को पीएम-10 (पर्टिकुलेट मैटर या कण प्रदूषण) चार सौ तक पहुंच गया था। दिल्ली का स्मॉग प्रयागराज पहुंचने के कारण सोमवार को दिन भर धुंध छाई रही। मंगलवार की सुबह भी यही हाल रहा। उसके बाद धूप निकली तो कम रहा लेकिन दोपर बाद से एक बार फिर वातावरण में स्‍मॉग छा गया। इसके कारण पीएम-10 का स्तर छह सौ के आंकड़े तक पहुंच गया है। शहर की हवा सामान्य से छह गुना अधिक जहरीली हो गई है। प्रयागराज दुनिया के प्रदूषित शहरों की टॉप टेन सूची में शामिल था

तीन साल पहले जब प्रयागराज दुनिया के प्रदूषित शहरों की टॉप टेन की सूची में शामिल हुआ था, तब यहां हड़कंप मच गया था। प्रदूषण घटाने के लिए एक्शन प्लान बनाया गया, जो कागजों तक सिमटा रह गया। एक्शन प्लान में सबसे प्रमुख मुद्दा था। डीजल युक्त सवारी गाडिय़ों को शहर से बाहर करने का, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है। धड़ल्ले से गाडिय़ां चल रही हैं और जहरीला धुआं भी उग रही हैं। तमाम हिदायतों के बावजूद शहर में होने वाले निर्माण कार्य बिना ढके हो रहे हैं। सड़कें चौड़ी करने के लिए हजारों पेड़ काट दिए गए

अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हैं। इसके अलावा सड़कें चौड़ी करने के लिए हजारों पेड़ काट दिए गए। हालांकि उनकी खानापूर्ति के लिए कुछ सड़कों के किनारे पेड़ लगा गए लेकिन वे पर्याप्त नहीं हैं।  33 फीसद हरियाली के मानकों पर अब तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आज भी खुले में कूड़ा जलाया जाता है। डीजी सेट भी प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। इसको लेकर नाम मात्र की कार्रवाई हो रही, जबकि इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम होना था। अधिकारियों की लापरवाही से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। 

आंखों में जलन और सांस रोगियों की तकलीफ बढ़ी

पश्चिम की हवाएं तेज होने के कारण दिल्ली के स्मॉग का प्रभाव प्रयागराज में बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दिन भर धुंध छाई रही। मंगलवार की सुबह भी कुछ यही हाल है। मौसम ऐसा हो गया था, जैसे दिसंबर और जनवरी में कुहासा छा जाता है। पश्चिम की ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी मामूली गिरावट हुई। अधिकतम तापमान अभी भी 30 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहा है। सोमवार दोपहर बाद प्रदूषण बढऩे का स्तर तेजी से बढऩा शुरू हुआ। रात में पीएम-10 का स्तर छह सौ के आंकड़े को छू गया। प्रदूषण बढऩे के कारण आंखों में जलन और सांस रोगियों की तकलीफ भी बढ़ गई है। 

दिल्ली का स्मॉग प्रयागराज पहुंचा

रविवार तक पश्चिम की हवाएं सक्रिय नहीं हुई थीं, इसलिए शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। रात में पश्चिम की हवाएं चलना शुरू हुईं। दिल्ली का स्मॉग प्रयागराज पहुंच गया। इसके कारण सुबह से ही धुंध और धुआं बना रहा है। दिन भर बादल छाए रहे। सोमवार को अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री और न्यूनतम 21.1 डिग्री रहा। रविवार की तुलना में सोमवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री और न्यूनतम में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

आरटीओ कार्यालय की हीलाहवाली से चल रहीं डीजल युक्त सवारी गाडिय़ां

शहरी क्षेत्र में डीजल युक्त सवारी गाडिय़ों के संचालन पर एक साल पहले ही प्रतिबंध लग चुका है। उसके बावजूद शहर में डीजल युक्त टेंपो, विक्रम चल रहे हैं। रोजाना करीब डेढ़ हजार गाडिय़ां शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। इन गाडिय़ों का शहर का परमिट भी समाप्त हो चुका है। इसके अलावा ओवर लोडेड ट्रक भी प्रदूषण बढ़ा रहे हैं वे सड़कों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

निर्माण कार्यों और डीजी सेट को कोई देखने वाला नहीं

एक्शन प्लान के अनुसार प्रयागराज में अगर कोई भी निर्माण कार्य होगा तो उसे ढक कर किया जाएगा। इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि धूल और मिट्टी से प्रदूषण न बढ़े, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चाहे सरकारी निर्माण कार्य हो या प्राइवेट बिल्डर का काम, सभी मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। सड़कों पर धूल न हो, इसके लिए रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदें गईं, लेकिन वे सड़कों पर दिखाई नहीं देती हैं। कोचिंग संस्थान, प्रतिष्ठानों, शोरूम और सोसाइटी में डीजी सेट शोरगुल कर रहे हैं। काला धुआं भी छोड़ रहे हैं। इनके खिलाफ नाम मात्र की कार्रवाई हो रही है। शहर में कहने के लिए कूड़े अड्डों को समाप्त करके पोर्ट स्टेशन बना दिए गए हैं, लेकिन आज भी जगह-जगह कूड़ा जलाया जाता है। प्लांट में कूड़ा फेंका जाता है। ठोस अपशिष्ट का निस्तारण सही से नहीं हो रहा है। जिसके कारण प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी बोले

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जेबी सिंह कहते हैं कि प्रयागराज में प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए जो एक्शन प्लान बनाया गया था। इसमें परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, एनएचएआइ, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत कई विभागों की अलग-अलग भूमिका है। एक्शन प्लान के अनुसार विभाग काम कर रहे हैं। जिला पर्यावरण समिति की बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा होती है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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