प्रयागराज, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में बने राजकीय मेडिकल कालेज के नामकरण को लेकर बयानबाजी की होड़ लग गई है। समर्थन और विरोध के दावे के बीच बेल्हा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा का गठन करके डाक्टर सोनेलाल पटेल के नाम से मेडिकल कालेज किए जाने का विरोध करते हुए जन आंदोलन भी छेड़ दिया गया है। जनपद के सदर क्षेत्र में पूरे केशवराय गांव में 213 करोड़ रुपये की लागत से स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हुई है। तीन दिन पहले राज्य सरकार ने इस मेडिकल कालेज का नाम डाक्टर सोनेलाल पटेल के नाम पर रख दिया तो राजनीति गरमाने लगी।

पूर्व विधायक का विरोध तो अपना दल का समर्थन

पूर्व विधायक और भाजपा नेता बृजेश मिश्र सौरभ ने अपने ही सरकार के खिलाफ बयान देते हुए कहा कि डाक्टर सोनेलाल का प्रतापगढ़ के संदर्भ में कोई योगदान नहीं है, लिहाजा यह नाम उचित नहीं है। सरदार वल्लभ भाई पटेल स्वामी, करपात्री जी जैसे महापुरुषों के नाम पर कालेज का नाम होना चाहिए। डाक्टर सोनेलाल का विरोध करने पर अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने बृजेश के बयान पर करारा हमला बोला। कहा कि उनकी सोच सामंतवादी और जातिवादी है यही नहीं उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से बृजेश सौरभ के खिलाफ कार्रवाई की मांग तक कर डाली। सपा अध्यक्ष छविनाथ यादव और बसपा अध्यक्ष लालचंद गौतम ने भी डाक्टर सोनेलाल के नाम पर एतराज किया है। इंटरनेट मीडिया पर इन दिनों यह मामला छाया हुआ है।

विरोध में बेल्‍हा स्‍वाभिमान संघर्ष मोर्चा का आज से आंदोलन

इधर सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक तिवारी की अगुवाई में बेल्‍हा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा बनाया गया है। इसके द्वारा सोमवार से चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जा रहा है। सबसे पहले सोमवार को शहर के कंपनी बाग से चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। इसके माध्यम से जनता को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। नेतृत्व कर रहे अभिषेक तिवारी ने कहा कि अगर सरकार को पटेल नाम ही रखना है तो सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम क्यों नहीं। डाक्टर सोनेलाल का प्रतापगढ़ या देश के विकास में कोई योगदान नहीं है। ऐसे में यह नाम थोपा जा रहा है जिसका प्रबल विरोध किया जाएगा।

Edited By: Brijesh Srivastava