प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों को खाली कराने के बाद इविवि के प्रशासनिक अफसरों ने पुलिस बल के साथ हॉस्टलों का औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान हॉस्टलों में कुछ संदिग्ध मंडराते मिले तो पुलिस ने लाठी पटककर खदेड़ दिया गया। 

 इविवि प्रशासन ने हॉस्टलों को खाली कराने की मुहिम छेड़ी है

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर इविवि प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान हॉस्टलों को खाली कराने की मुहिम छेड़ी है। इसके लिए दो दिन की मोहलत भी दी गई थी। इसका कुछ छात्रों ने पुरजोर विरोध भी किया। दो दिन छात्रों ने जमकर हंगामा भी किया। मियाद पूरी होने के बाद इविवि प्रशासन ने रविवार को अभियान चलाकर 17 हॉस्टलों से 2550 कमरे खाली करा दिए थे।

कई हॉस्टलों का इविवि की टीम ने किया दौरा

इसके बाद इविवि प्रशासन ने पुलिस बल के साथ हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि टीम ने विलियम हॉलैंड हॉल हॉस्टल, सर सुंदलाल, पीसीबी, एसआरके, जीएन झा और ताराचंद हॉस्टल में निरीक्षण किया। इस दौरान हॉस्टल में कुछ संदिग्ध मंडराते दिखे। इस पर कुछ को टीम ने कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी देकर भगा दिया। वहीं, पुलिस ने लाठी पटककर सभी को वहां से खदेड़ा। 

समर हॉस्टल के लिए स्क्रीनिंग शुरू

इविवि प्रशासन ने शोध छात्रों के लिए डॉ. एएन झा, केपीयूसी तथा शोध छात्राओं के लिए हॉल ऑफ रेजीडेंस को समर हॉस्टल बनाया है। यहां शोध छात्रों के अलावा दिव्यांग अंत:वासी भी रह सकेंगे। छात्रों को प्रतिमाह 1500 रुपये समर हॉस्टल का शुल्क देना होगा। मेस का शुल्क अलग से देना होगा। हॉस्टलों में रहने वाले जो छात्र लोक सेवा आयोग या किसी भी मुख्य परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। उनको मुख्य परीक्षा का सत्यापित प्रवेश पत्र उपलब्ध कराने पर ग्रीष्मावकाश तक के लिए निर्धारित शुल्क पर समर हॉस्टल में रहने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए इविवि प्रशासन ने हॉस्टलों में स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। इसके बाद केवल उन्हीं को रहने की अनुमति मिलेगी, जो वैध हैं।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस