प्रयागराज, जेएनएन। पुलिस थानों पर तैनात दारोगा और सिपाही जल्द ही बॉडी वार्न कैमरे से लैस होंगे। पुलिस बल को सशक्त और मजबूत बनाने के साथ ही अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह कवायद शुरू हुई है। इसके लिए प्रयागराज रेंज के पांच थानों में हाईटेक बीट पुलिसिंग शुरू की गई है। योजना के सफल होने पर बाकी पुलिस थानों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

पुरानी व्यवस्था बीट पुलिसिंग को आधुनिकता का रूप दिया जा रहा

पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीट पुलिसिंग को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है। पहले चरण में प्रयागराज के कीडगंज और खीरी, कौशांबी के मंझनपुर, फतेहपुर के मलवा व प्रतापगढ़ के फतनपुर थाने को शामिल किया गया है। इन थानों में तैनात दारोगा व बीट सिपाहियों को नए तरीके से काम करने के निर्देश उच्चाधिकारियों ने दिए हैं। फील्ड के पुलिसकर्मियों की प्राथमिकता में जनमानस में पुलिस की छवि को बेहतर बनाने, लोगों से अच्छे ढंग से व्यवहार करने, घटना की सूचना पर तत्काल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर पुलिस की पकड़ को मजबूत बनाने और अपराधियों पर नकेल कसने का लक्ष्य भी दिया गया है। हालांकि बीट पुलिसिंग पुरानी व्यवस्था है लेकिन बढ़ते अपराध को ध्यान में रखते हुए अब इसे अत्याधुनिक बनाया जा रहा है।

इन उपकरणों से लैस रहेंगे दारोगा और सिपाही

हाईटेक बीट पुलिसिंग के लिए चिह्नित थानों के दारोगा व सिपाही को बॉडी वार्न कैमरा, रेडियो ट्रांसमिशन (आरटी सेट), सीयूजी मोबाइल और मोटरसाइकिल दी गई है। बॉडी वार्न कैमरा ऐसा उपकरण है, जिसे पुलिसकर्मी अपने कंधे के पास लगाएंगे, ताकि घटनास्थल पर होने वाली गतिविधि कैमरे में कैद हो सके और उसे वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सके।

बोले आइजी रेंज केपी सिंह

प्रयागराज के आइजी रेंज केपी सिंह कहते हैं कि रेंज के पांच थानों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीट पुलिसिंग को आधुनिक बनाया गया है। इन थानों के दारोगा व सिपाहियों को कई उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ सके।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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