प्रयागराज, जेएनएन। लॉकडाउन में दूर-दूर के रहने वाले जो लोग जहां हैं, वहीं फंस गए हैं। उनके साथ परिवार भी है लोग हैं तो वृद्ध और बच्‍चे भी हैं। किसी के पास पैसे खत्‍म हो गए हैं। ऐसे में हर किसी को शीघ्र ही अपने घर पहुंचने की जल्‍दी है। शासन और प्रशासन भी इसकी व्‍यवस्‍था कर रहा है। जिसे पुलिस जहां देख रही है, रोक कर खाना खिलाने के बाद गंतव्‍य तक भेजने का प्रबंध भी किया जा रहा है।

प्रतापगढ़ रोडवेज बस स्‍टेशन से बसें हुईं रवाना

इसी क्रम में रविवार को प्रतापगढ़ रोडवेज बस स्टेशन से रविवार को एक बस दिल्ली के लिए रवाना की गई। इसमें प्रतापगढ़ में विभिन्न कार्य से रहने वाले लोग भेजे गए हैं। वह ऐसे लोग हैं जो यहां नौकरी करते हैं या फिर किसी काम से यहां आए थे। इसी प्रकार दिल्ली, गाजियाबाद, नोयडा से दो प्राइवेट बस में सवार होकर पहुंचे 63 लोगों को पुलिस लेकर लालगंज सीएचसी पहुंची। वहां उनकी जांच की गई। लालगंज तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव के सभी निवासी हैं। दिल्ली मेरठ जैसे शहरों से आए यात्री प्रतापगढ़ रोडवेज स्टेशन पर पहुंचे। इनको घर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

पिकअप वाहन ही बन गया सहारा 

प्रतापगढ़ में आसपुर देवसरा क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर लखनऊ की तरफ से वाराणसी जाने के लिए कोई वाहन न मिला तो लोग पिकअप पर ही सवार हो गए। भुपियामऊ चौराहे पर अहमदाबाद से ट्रक पर सवार होकर लोग प्रतापगढ़ पहुंचे। पुलिस व प्रशासन ने लोगों को ट्रक पर पुनः बैठाकर थर्मल स्कैनिंग के लिए जिला अस्पताल भेजा। यह सब होने के बाद भी लोगों में जोश और जज्‍बे की कमी नहीं है। वह परेशान तो हैं लेकिन उनमें धैर्य भी है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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