प्रयागराज, जेएनएन। जनपद कौशांबी के तिल्हापुर गांव में सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द जैसी बीमारियों ने पांव पसार रखा है। एक माह में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारी सकते में आए और गांव में कैंप लगाया गया। इस कैंप में लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बीमारी के आवश्यकता अनुसार दवाइयां भी वितरित की गई।

कई मर्ज ने घेर रखा है लोगों को
विकास खंड नेवादा के तिल्हापुर गांव में महीने भर से सर्दी खांसी बुखार, पेट दर्द, उल्टी होने जैसे मर्ज ने ग्रामीणों को चपेट में ले रखा है। इन बीमारियों की वजह से गांव के गोपाल सिंह, नन्हे सिंह, खुन्नू सिंह, लाल जी, सतीश दिवाकर, तीरथ, कल्लू दुबे, शिवसखा मिश्रा, छोटकू मिश्रा समेत एक महीने के अंदर 14 लोगों का निधन हो चुका है। पता चला है कि 60 से भी ज्यादा लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर चायल एसडीएम ज्योति मौर्या ने नेवादा पीएचसी के प्रभारी डाक्टर ललित सिंह के साथ तिल्हापुर गांव पहुंच कर प्राथमिक विद्यालय में कैंप लगाया। इस बीच स्वास्थ्य टीम द्वारा 40 लोगों की कोरोना सैंपलिक की गई। हालांकि जांच में सभी कोरोना निगेटिव मिले। लैब के लिए भी सैंपल भेजा गया है। इस बीच कैंप में पहुंचे रामगुरू, शिवकली, प्रेम, सजीवन, सृष्टि, कमला, अनुराधा, छोटे लाल, रामायण आदि करीब 70 लोगों को सर्दी खांसी, बुखार, पेट दर्द, गैस, सांस लेने में तकलीफ के परीक्षण के बाद नि: शुल्क दवा दी गई। एसडीएम और पीएचसी प्रभारी ने मृतकों के घर पहुंच कर उनके स्वजनों से मिलकर बाच की और उनकी परिस्थितियों को परखा। सचिव अजय कुमार सिंह ने एक दर्जन साफाईकर्मियों से पूरे गांव को सेनिटाइज कराया। इस बीच लैब टेक्नीशियन प्रदीप कुमार, आशा बहू व नेवादा पीएचसी की समस्त स्वास्थ्य कर्मी और ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों को कहा गया कि स्वास्थ्य में कोई भी समस्या होने पर फौरन चेकअब कराकर दवाएं लें।