प्रयागराज, जेएनएन। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर्स की ड्यूटी सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं पीठासीन अधिकारी के तौर में जिले के विभिन्न विकासखंडों  में लगाई गई जहां पर कोविड गाइड लाइन पालन कराने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से निर्वाचन ड्यूटी में लगे कई विकास खंड के सहायक निर्वाचन अधिकारी कोरोना वायरस ग्रसित हो गए।

ड्यूटी पर हुए संक्रमित तो सहायता भी नहीं

आरोप है कि जसरा ब्लाक में तैनात 36 साल के इंजीनियर भरत चौरसिया ने गंभीर हालत होने पर जिला प्रशासन से अस्पताल में बेड की गुहार लगाई मगर कोई नतीजा नहीं निकला। आखिर में वह अपने व्यक्तिगत प्रयास से निजी अस्पताल में भर्ती हुए। इसी तरह सैदाबाद ब्लाक में तैनात सहायक निर्वाचन अधिकारी समेत कई अन्य ब्लाक के भी सहायक निर्वाचन अधिकारी वायरस की जद में आ गए हैं। 

कोरोना किट और बेड मुहैया कराने की मांग

इन जूनियर इंजीनियर के साथ-साथ इनके घरों में परिवार के लोग भी इनके संपर्क में आने से प्रभावित हुए हैं।

कहा जा रहा है कि पीडब्लूडी के ये जूनियर इंजीनियर मास्क , सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बावजूद महामारी की चपेट में आए तो इसकी वजह मतदाताओं के संपर्क में आना था।  इं अखिलेश यादव डिप्लोमा इंजीनियर संघ के क्षेत्रीय महामंत्री द्वारा चुनाव ड्यूटी में लगे सभी सदस्यों के लिए कोरोना किट उपलब्ध कराने, इमरजेंसी में भर्ती कराने हेतु बेड उपलब्ध कराने की जिला प्रशासन से मांग की है साथ ही साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष इंजीनियर बीके पांडेय ने विभागीय अधिकारियों से इमर्जेंसी के लिए कम से कम 50 बेड का अस्थायी कोविड सेंटर बनाने एवं पूरे परिसर को सप्ताह में दो बार सैनिटाइज करने की मांग की। 

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