प्रयागराज, जेएनएन। बिजली विभाग के भविष्य निधि घोटाले में पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के लगभग 15 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के करीब एक हजार करोड़ रुपये फंसे हैं। इसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। कर्मचारियों और अधिकारियों के विभिन्न संगठनों ने आंदोलन का एलान किया है।

चार हजार अफसरों व कर्मचारियों का पैसा फंसा है

जोन के प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी और फतेहपुर जिले के करीब चार हजार अफसरों व कर्मचारियों का पैसा फंसा है। जोन के इन अफसरों व कर्मचारियों के लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये निवेश हुए थे। यहां पांच साल से जो एसई (अधीक्षण अभियंता) हैं, उनके लगभग 20 लाख रुपये, पांच से सात साल से जो एक्सईएन (अधिशासी अभियंता) हैं उनके 15 से 17 लाख रुपये फंसे हैं। इसी तरह वर्ष 2014 बैच के एई (सहायक अभियंता) के सात लाख, वर्ष 2015 बैच के एई के पांच लाख रुपये फंसे हैं। जो जेई (अवर अभियंता) पांच से सात साल तक नौकरी कर चुके हैं, उनके साढ़े तीन से चार लाख रुपये भविष्य निधि के पैसे होते हैं।

पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के छह जोन के कर्मी परेशान

कमोवेश जो कर्मचारी यदि दस साल तक नौकरी कर चुके हैं, उनके दो से ढाई लाख रुपये फंसे हैं। इनमें पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के छह जोन प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, मीरजापुर, आजमगढ़ में 30 सर्किल के 30 एसई, स्टोर व प्लानिंग आदि सर्किल के 40 एसई, 96 डिवीजन के 96 एक्सईएन व अन्य खंडों के 120 एक्सईएन हैं। तकरीबन 450 एई और 2100 जेई हैं। इसके अलावा भी लगभग डेढ़ सौ अफसर हैं। करीब 12 हजार कर्मचारी हैं, जो कार्यालयों के साथ ही फील्ड और उपकेंद्रों में तैनात हैं। भविष्य निधि की धनराशि को लेकर इन अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। इसके लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सभी संगठनों ने आंदोलन भी शुरू कर दिया है।

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