प्रयागराज : किसानों के धान खरीद के लिए बनाए गए केंद्रों पर बोरियां नहीं है और इसी तरह कई अव्यवस्थाओं के चलते केंद्रों पर धान की खरीद ठप है। कहीं पर हड़ताल के चलते अधिकारी गायब हैं। इस वजह से भी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जागरण टीम शनिवार को प्रतापगढ़ में क्रय केंद्रों की पड़ताल की तो क्षेत्र में बनाए गए चारों केंद्र बंद मिले। ऐसे में पांच नवंबर से बंद चल रहे इन केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है। ढकवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति दाऊदपुर में सचिव शंभूनाथ ने बताया कि यहां पर पहले 12 गांव थे। अब छह गांव कट गए हैं। इसमें बेहटा, भीखमपुर, बिझला, भाऊपुर, आसपुर देवसरा धरौली गांव अब सूची में नहीं हैं। बोरा दो दिन पहले आ गया है। सोमवार से नियमित खरीदारी शुरु होगी। इसी क्रम में गौरामाफी संसू के अनुसार धान क्रय केंद्र गौरामाफी में बोरियों की कमी है। इसके चलते खरीदारी बंद है। यहां के सचिव संतोष ¨सह ने बताया कि बोरियों की कमी के चलते धान ºरीद बंद है। बोरी मिलने पर खरीद चालू की जाएगी। भटक रहे किसान :

खाद्य एवं रसद विभाग के एमओ व एमआई अधिकारियों द्वारा पांच नवंबर से वेतन वृद्धि, असमय स्थानांतरण पर रोक, एमओ को राजपत्रित अधिकारी बनाए जाने के साथ उन्हें वाहन भत्ता दिए जाने, बंद योजनाओं के अवशेष खाद्यान्न का निस्तारण, हाईब्रिड धान की रिकबरी 67 प्रतिशत से 60 प्रतिशत करने सहित 22 ¨बदुओं की मांग को लेकर पिछले पांच नवंबर से हड़ताल पर चल रहे हैं। ऐसे में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा पट्टी तहसील क्षेत्र में बनाए गए चार केंद्र बंद चल रहे हैं। इस वजह से किसान अपनी उपज को बेच नहीं पा रहे हैं। पट्टी तहसील क्षेत्र के पट्टी ब्लाक का केंद्र गोदाम पर बनाया गया है। इसके अतिरिक्त बाबा बेलखरनाथ धाम, मंगरौरा, आसपुर देवसरा ब्लाक में भी खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा धान खरीद केंद्र बनाया गया है, लेकिन हड़ताल के चलते पिछले इन गोदामों पर ताला लटक रहा है। ऐसे में किसान अपनी उपज लेकर कहां जाए यह प्रश्न बना हुआ है। विभिन्न मांगों को लेकर पिछले पांच नवंबर से कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण धान क्रय केंद्र बंद है। इस कारण धान खरीद नहीं हो पा रही है। जैसे ही हड़ताल समाप्त होगी, क्रय केंद्रों पर खरीद भी शुरू कर दी जाएगी।

-दिनेश कुमार ¨सह, एमआइ।

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