प्रयागराज, जेएनएन। रेलवे स्टेशनों के बाद अब रोडवेज की बसों में भी दबाव बढऩे लगा है। महानगरों से आने वाले रेलयात्री अपने गृह जनपद जाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा ले रहे हैं। अचानक भीड़ बढऩे और बस अड्डे पर जांच के कोई इंतजाम नहीं होने से कभी भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

बड़ी संख्‍या में दूसरे राज्‍यों से लौट रहे प्रवासी

दरअसल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कोरोना का प्रकोप बढऩे से हालात बिगड़ रहे हैं। ऐसे में रोजगार के सिलसिले में रह रहे प्रवासी अपने घर लौट रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं पिछली बार की तरह लॉकडाउन न लगा दिया जाए। पाबंदियां लगातार बढ़ाई जा रही हैं। ऐसे में महानगरों से ट्रेन से प्रयागराज जंक्शन और प्रयागराज छिवकी पहुंचने वाले यात्री अपने घर जाने के लिए रोडवेज बसो का सहारा ले रहे हैं। लेकिन, बसों की कमी की वजह से उन्हें तेज धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। बस आते ही पहले बैठने की होड़ में कोविड प्रोटोकाल तो दूर फिजिकल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। जौनपुर के लिए अनुबंधित बस आई तो अचानक भीड़ पहुंच गई। पहले बैठने के लिए धक्कामुक्की होने लगी।

कोविड 19 की जांच का नहीं है कोई इंतजाम

उधर, सिविल लाइंस बस अड्डे पर कोविड जांच के भी कोई इंतजाम नहीं है। बस अड्डे पर चार गेट हैं। किसी भी गेट पर जांच नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि कभी कभार मास्क नहीं लगाने वालों का जिला पुलिस चालान जरूर करती है। ऐसे में लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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