प्रतापगढ़,जेएनएन। लॉकडाउन के बाद अहमदाबाद में कारखाना बंद होने पर सुलतानपुर के दर्जनों मजदूर घर के लिए चल पड़े। किसी तरह रास्ते में एक ट्रक मिला वह सभी को प्रयागराज के सोरांव में छोड़कर चला गया। वहां से पैदल ही  प्रतापगढ़ होते हुए सभी लोग अपने घर के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

सूरत से प्रयागराज तक ट्रक से आए, अब सुल्‍तानपुर तक पैदल जाएंगे

लॉकडाउन को लेकर पीएम मोदी ने देश की जनता से माफी मांगी है लेकिन स्पष्ट किया है कि कोरोना के संक्रमण से सभी को बचाने के लिए यह कदम उठाना बहुत जरूरी है। इसमें सहयोग की भी अपील की है। इन सब के बीच मुश्किल में वे लोग फंस गए जो रोजी-रोटी के सिलसिले में दूसरे प्रदेश व जिलों में थे। वे घर लौटने के लिए तमाम मुश्किलों से जूझ रहे हैं।

प्रतापगढ में हुई जांच, घर में आइसोलेशन में रहने की हिदायत

सोमवार को दैनिक जागरण टीम की मुलाकात जिला अस्पताल में सुलतानपुर के देवेंद्र कुमार, सूरज, शनि, राहुल, संजय कुमार पटेल, राकेश सरोज सहित कई लोगों से हुई। ये सभी थर्मल स्‍कैनिंग के लिए लाए गए थे। जांच में सब ठीक रहने पर इनको डा. एमपी शर्मा, डा. मनोज खत्री, डा. आरपी चौबे, डा. अनिल गुप्ता ने चेतावनी दी कि 14 दिन तक एहतियातन एकांत में रहें। इसके बाद ये लोग सड़क पर आए तो साधन की समस्या मुंह बाए खड़ी थी। सड़क सन्नाटे में डूबी थी। बावजूद इसके सभी ने आगे का सफर जो करीब 100 किलोमीटर है पैदल ही तय करने की ठान ली।

रास्‍ते में बि‍स्‍कुट से चलाया काम

सभी के पांव में छाले भी पड़ चुके हैं लेकिन घर पहुंचने की चाहत उन्हें थकने नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सूरत के ट्रक चालक ने उनसे प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये भी वसूले। रास्ते में साथ लिए बिस्कुट से किसी तरह काम चलाया। सूरज व देवेंद्र ने बताया कि इतना पैदल कभी न चले थे।

Posted By: Brijesh Srivastava

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