प्रयागराज, जेएनएन। एक लाख के इनामी पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके बाद अब पूर्व सांसद अतीक अहमद के गैंग आइएस-227 के सक्रिय सदस्यों की कुंडली खंगाली जा रही है। इनकी गतिविधियों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। पता चला है कि गैंग के 14 सक्रिय सदस्य हैं, जो जमीन और कई दूसरे अवैध काम करते हैं। जिन सदस्यों का आपराधिक रिकार्ड है, उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने से लेकर मुकदमों की जमानत निरस्त कराने की भी तैयारी चल रही है।

पूर्व विधायक अशरफ की गिरफ्तारी के बाद करीबी भूमिगत

पूर्व अशरफ के पकड़े जाने के बाद उसके कई करीबी भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने धूमनगंज, करेली समेत कई इलाकों में छानबीन की तो पता चला कि कुछ घर छोड़कर भाग गए हैं और कई अपने घरवालों के संपर्क में नहीं हैं। ऐसे में पुलिस अब मुखबिरों के जरिए उन फरार लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

 

फरार पूर्व विधायक अशरफ को पुलिस ने शुक्रवार को पकड़ा था

वहीं, गिरफ्त में आए अशरफ ने पुलिस को बताया था कि फरारी के दौरान वह दिल्ली के ओखला स्थित अपने फ्लैट पर कई महीने तक रहा। इसके बाद मुंबई में साले के घर में छिपा था। इस आधार पर पुलिस ने अब अशरफ के फ्लैट और दूसरी संपत्ति के बारे में भी पड़ताल शुरू कर दी है। प्रयागराज, कौशांबी के अलावा अन्य शहर व स्थानों की चल और अचल संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अशरफ को शुक्रवार सुबह धूमनगंज इलाके सेे अवैध पिस्टल, कार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

जमात में भी लेता था हिस्सा

पुलिस का कहना है कि फरारी के दौरान अशरफ कई जमात (धार्मिक समागम) में भी हिस्सा ले रहा था। हालांकि वहां पर छुपने जैसी बात नहीं थी। पूछताछ में यह भी पता चला है कि अशरफ खुद के बजाय दूसरे का मोबाइल ही इस्तेमाल करता था। भागने से पहले उसने अपना लाइसेंसी असलहा घर पर ही छोड़कर जाने की बात कही है, लेकिन असलहा कहां है, इसके बारे में नहीं बता सका।

पनाह देने वालों पर कसेगा शिकंजा 

अशरफ को फरारी के दौरान पनाह देने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अशरफ अलीगढ़, मेरठ, पंजाब, दिल्ली और कौशांबी समेत कई जिलों में तीन साल तक छिपा था। उसे संरक्षण देने में कई सफेदपोश का भी नाम सामने आ रहा है। अब ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सके।

तीन और मुकदमों में बनेगा रिमांड 

पुलिस का कहना है कि अशरफ के खिलाफ अभी छह मुकदमों में रिमांड बना है लेकिन जल्द ही तीन और मुकदमों में रिमांड बनाने की तैयारी की जा रही है। ताकि फिर से कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सके। जमीन का अवैध धंधा कर अशरफ को कमीशन पहुंचाने वाले और रंगदारी वसूलने वालों के बारे में भी छानबीन की जा रही है, क्योंकि फरारी के वक्त भी पूर्व विधायक की कमाई कम नहीं हुई थी।

ठीक से नहीं हो सकी पूछताछ

एक तरफ तो पुलिस अपराधियों को कई दिनों तक हिरासत में रखकर पूछताछ करती है, वहीं दूसरी तरफ अशरफ से ठीक से पूछताछ भी नहीं हो सकी। इससे पहले अलग-अलग मुकदमों में गिरफ्तार किए गए पूर्व ब्लॉक प्रमुख, समेत कई अभियुक्तों से कई दिनों तक पूछताछ की जाती रही है। वहीं इस मामले में पुलिस के लचीले रवैये को लेकर चर्चा भी है। एडीजी प्रेम प्रकाश भी पूछताछ के लिए समय कम होने की बात स्वीकार कर चुके हैं।

बोले सीओ सिविल लाइंस

सिविल लाइंस के सीओ बृज नारायण सिंह कहते हैं कि पूर्व विधायक अशरफ के दिल्ली समेत अन्य स्थानों की संपत्ति के बारे में जांच की जा रही है। गैंग के दूसरे सदस्यों की गतिविधियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

 

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