प्रयागराज, जागरण संवाददाता। ग्राम पंचायत के कार्यों का भुगतान करने में अब धांधली नहीं हो सकेगी और न ही लीपापोती कर रजिस्टर गायब करने और पत्रावली बदलने की घटनाएं होंगी। क्योंकि गांवों को डिजिटल किया जा रहा है। पंचायत भवन को इंटरनेट से लैस किया जा रहा है और भुगतान प्रक्रिया से जुड़ी हर कार्रवाई में पंचायत का सीधा हस्तक्षेप होगा। गांवों में तैनात किया जा रहे पंचायत सहायक इसके टर्निंग प्वाइंट बन रहे हैं। प्रयागराज जिले में इस व्यवस्था को एक जून से लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से सभी जिलो में पत्र भेजा गया है।

घर बैठे नहीं होगा भुगतान : अभी तक ग्राम पंचायत में विकास कार्यों का भुगतान करने के लिए सचिव और प्रधान की सहमति ही काफी थी और सचिव घर बैठे भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर देते थे। हालांकि अब नई व्यवस्था के तहत प्रधान की उपस्थिति में गांव के सचिवालय में तैनात किए गए पंचायत सहायक के माध्यम से ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। मिनी सचिवालय में लगे कंप्यूटर में सभी फीडिंग की प्रक्रिया पंचायत सहायक पूरी पकेगा।

जुलाई तक ग्राम पंचायत सहायकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी : प्रयागराज जिले में 1540 ग्राम पंचायतें हैं। सभी ग्राम पंचायतों में जुलाई तक ग्राम पंचायत सहायक की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ग्राम पंचायतों का रिकार्ड पंचायत सहायकों के पास रहेगा। ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना, भुगतान के वाउचरों की फीडिंग के लिए ब्लाक जाने की आवश्यकता नहीं होगी, पंचायत सहायकों ही इसकी फीडिंग करेंगे। गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों का भुगतान सचिवालय के कंप्यूटर से प्रधान व सचिव की मौजूदगी में पंचायत सहायक द्वारा ही किया जाएगा। जिस ग्राम पंचायत में कंप्यूटर नहीं लगा है, वह अपनी न्याय पंचायत की पड़ोस वाली ग्राम पंचायत के कंप्यूटर के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे।

जिला पंचायती राज अधिकारी ने क्‍या कहा : जिला पंचायतराज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक के माध्यम से मिनी सचिवालय पर लगे कंप्यूटर के माध्यम से सही भुगतान संबंधी कार्रवाई होगी। अन्य किसी भी स्थान से अगर फीडिंग या भुगतान होता है तो यह नियमों का उल्लंघन होगा और संबंधित सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Brijesh Srivastava