प्रयागराज, जेएनएन। कचहरी में फौजदारी, दीवानी, राजस्व के सरकारी वकील अब हड़ताल के दिनों में भी काम करेंगे। इस दौरान अगर वह गैरहाजिर पाए जाते हैं तो उनका भत्ता काटा जाएगा। साथ ही उनके विरुद्ध विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी। न्याय अनुभाग लखनऊ के विशेष सचिव रणधीर सिंह ने इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया है।

 ...तो शासकीय अधिवक्ता अक्सर हड़ताल के दिनों में गैरहाजिर रहते हैं

इस संबंध में शासकीय अधिवक्ताओं को शासनादेश मिला है। जिलाधिकारी के जरिए भेजे गए न्याय अनुभाग लखनऊ के विशेष सचिव रणधीर सिंह के निर्देश में कहा गया न्याय अनुभाग लखनऊ के विशेष सचिव रणधीर सिंह के निर्देश में कहा गया है कि है कि हड़ताल के दिनों में काम करने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। यह भी कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि जनपद न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी पैरवी के लिए राज्य सरकार की ओर से नियुक्त शासकीय अधिवक्ता अक्सर हड़ताल के दिनों में गैरहाजिर रहते हैं। इससे मुकदमों की पैरवी प्रभावित होती है और विलंब होता है। लिहाजा उन्हें हड़ताल के दौरान काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

 अधिवक्ता संघ का बजट पास कराने की मांग

जिला अधिवक्ता संघ की आमसभा बुलाकर बजट पास कराने की मांग की गई है। संघ के अध्यक्ष हरिसागर मिश्रा व मंत्री राकेश दुबे को संबोधित पत्र में तमाम वकीलों ने कहा कि नई कार्यकारिणी द्वारा बजट पास नहीं कराया गया है। पूर्व अध्यक्ष केबी तिवारी, केशरीचंद्र द्विवेदी, यतींद्र मिश्रा, सैयद आफताब, विकास गुप्ता, विजय सिंह ने आरोप लगाया कि बिना बजट पास कराए मनमाने ढंग से जो खर्च किया जा रहा है वह गबन की श्रेणी में है।

वाहनों की आवाजाही पर जताई नाराजगी

एसएसपी दफ्तर से जगराम चौराहा के बीच रोक के बावजूद वाहनों की आवाजाही पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई है। जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय, केबी तिवारी, गंगा प्रसाद पांडेय, राजेंद्र श्रीवास्तव, विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि इस रोड पर अधिवक्ताओं के अलावा अन्य किसी व्यक्ति के आवागमन पर रोक है, जिसका पालन नहीं हो रहा है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप