इलाहाबाद (शरद द्विवेदी)। प्रवचन, पूजन व चमत्कार के जरिए सनातन धर्मावलंबियों की भावनाओं से खेलने वाले बाबाओं के खिलाफ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एक्शन में है। परिषद दो सूची जारी करके 17 धर्मगुरुओं को फर्जी बताते हुए उनका धार्मिक व सामाजिक बहिष्कार कर चुका है। अब फर्जी बाबाओं की तीसरी सूची भी जल्द आने वाली है। इस बार भी सूची में कई चौंकाने वाले नाम होंगे। भगवा वस्त्र धारण करके धर्म के नाम पर लोगों से ठगी करने वालों को अखाड़ा परिषद बेनकाब कर रहा है। इसके तहत दस सितंबर 2017 को परिषद की ओर से जारी सूची में 14 बाबाओं का नाम था। जबकि 29 दिसंबर को तीन धर्मगुरुओं का नाम फर्जी बाबा के रूप में घोषित हुआ। कुंभ पर्व के मद्देनजर अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की बैठक 16 मार्च को बड़ा उदासीन अखाड़ा कीडगंज में होने वाली है। इसमें अखाड़ों के आश्रम, पेशवाई व शाही स्नान को लेकर मंथन होगा। साथ ही फर्जी बाबाओं के कुछ नामों पर चर्चा होगी। 

तय हुए छह नाम 

फर्जी बाबाओं को चिह्नित करने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने जिला स्तरीय टीम गठित की है। इसमें 13 अखाड़ों के तीन से पांच प्रतिनिधि शामिल हैं। वह धर्मगुरुओं की कार्यप्रणाली पर नजर रख रहे हैं। टीम के मुताबिक छह नाम तय हो चुके हैं। इसमें हरिद्वार के दो, उज्जैन के एक, नासिक के एक धर्मगुरु का नाम शामिल है, हालांकि अभी जांच प्रक्रिया चल रही है। अखाड़ा परिषद की नजर में फर्जी बाबा वह है जिनके ऊपर चारित्रिक, आर्थिक, सामाजिक आरोप लगे हैं। किसी गुरु परंपरा, पंथ से न आने व धार्मिक अनुष्ठानों में रुचि न रखने वाले। अखाड़ा परिषद फर्जी बाबा का ब्योरा प्रशासन को देगा। कुंभ पर्व में प्रशासन उन्हें कोई सरकारी सुविधा नहीं देगा।  

उठेगा फर्जी बाबाओं का मामला

अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि फर्जी बाबाओं के चलते समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। नाचने, गाने वाले, फिल्में बनाने वाले धर्मगुरु बनकर लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महामंत्री अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद महंत हरि गिरि ने बताया कि पाखंडी लोगों से सनातन धर्म का स्वरूप बिगडऩे के साथ धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। संतों के त्याग, निष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगता है। इस कारण फर्जी बाबाओं को बेनकाब कर रहे हैं।

By Nawal Mishra