प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव की डिग्री वापस लेने के मामले में इविवि प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब देने के लिए अखिलेश को पंजीकृत डाक से 15 दिन का वक्त दिया गया है। हालांकि इविवि प्रशासन के इस निर्णय से निवर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारियों व छात्रों में आक्रोश व्याप्त है।

अराजक गतिविधियों, अनुशानहीन आचरण आदि का लगाया गया है आरोप

इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर जारी की नोटिस में कहा गया है कि अराजक गतिविधियों, अनुशानहीन आचरण और विवि परिसर में निरंतर अभद्रता, कार्यालयों में उपद्रव की वजह से इविवि व संघटक महाविद्यालयों के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। अखिलेश पर इविवि में प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद पहुंचने, दबंगई करने, विवि के शिक्षकों और उच्च अधिकारियों को गाली देने, सोशल मीडिया पर अशोभनीय टिप्पणी करने, विशेष राजनीतिक दलों के गणमान्य लोगों के नाम पर परिसर का राजनीतिकरण करने का आरोप है। इसके अलावा मंगलवार को कुलपति का पुतला फूंकने और नारेबाजी करने पर नोटिस जारी की गई है। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न आपकी स्नातक की उपाधि को विवि की ओर से वापस लेने की कार्यवाही आरंभ कर कार्यपरिषद को प्रकरण अग्रसारित कर दिया जाए।

छात्रसंघ भवन पर फूंका पुतला

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर छात्रों ने इविवि के एक उच्च अधिकारी का ऑडियो क्लिप वायरल होने के विरोध में पुतला फूंका। निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि सोशल मीडिया पर लिखने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ब्लैक लिस्टेड कर देता है। वहीं, दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के एक उच्च अधिकारी का एक महिला से बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में विवि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस दौरान सौरभ सिंह, आशीष यादव, दुर्गेश सिंह, आनंद सेंगर, सत्यम कुशवाहा, अक्षय यादव, क्रांतिवीर, अजय सम्राट, अभिषेक अत्री, आशीष, अमित कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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Posted By: Brijesh Srivastava

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