प्रयागराज, जेएनएन। ड्यूटी के दौरान जुकाम, खासी व बुखार आने पर जांच कराई तो कई रेलकर्मियों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद रेलकर्मी क्वारंटाइन हो गए। हालांकि उन्हें स्पेशल सीएल नहीं दी जा रही है, बल्कि उनकी छुट्टी स्वीकार की जा रही है। जबकि अन्य जोन में स्पेशल सीएल दी जा रही है। इस संबंध में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ (एनसीआरईएस) ने रेलवे बोर्ड को दोबारा पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। साथ ही स्पेशल सीएल दिए जाने की मांग उठाई।   

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ कर्मचारियों के साथ है

कोरोना की दूसरी लहर में तेजी से लोग संक्रमित हो रहे हैं। उत्तर मध्य रेलवे में संक्रमण की चपेट में आने से अब तक 100 से अधिक कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ (एनसीआरईएस) के महामंत्री आरपी सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बगैर अपना फर्ज निभा रहे हैं। रेलवे की निर्बाध सेवाओं के लिए वे ड्यूटी पर तैनात हैं। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद क्वारंटाइन होने पर एनसीआर प्रशासन की ओर से उन्हें स्पेशल कैजुअल लीव नहीं दी जा रही है। जबकि रेलवे के अन्य जोन एससीआर, सीआर, डब्ल्यूसीआर में स्पेशल सीएल देने का प्रोविजनल आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। 

पहले भी रेलवे बोर्ड को भेजा गया था पत्र

इस संबंध ने रेलवे बोर्ड को पत्र भेजकर अवगत कराया था। साथ ही एनसीआर में भी स्पेशल लिए दिए जाने की मांग उठाई थी। हालांकि अभी तक इस पर कोई आदेश जारी नहीं किया गया। इसके पहले भी चार मई को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया था। वहीं, एनसीआर मुख्यालय की उदासीनता को लेकर पदाधिकारियों में रोष है।

Edited By: Brijesh Srivastava