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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP MLA COURT: मुख्तार अंसारी के सहयोगियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी

By Ankur TripathiEdited By:
Published: Wed, 27 Oct 2021 07:20 AM (GMT+05:30)

मुख्तार के सहयाेगी बृजेश सोनकर धर्मेंद्र सोनकर शिवशंकर जमानत पर रिहा हैं लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं ...और पढ़ें

मुख्तार अंसारी के सहयोगियों के विरुद्ध एमपी एमएलए कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया
मुख्तार अंसारी के सहयोगियों के विरुद्ध एमपी एमएलए कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार अंसारी के सहयोगियों के विरुद्ध एमपी एमएलए कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। साथ ही पुलिस से कहा कि अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी। मामला कृष्णनंद राय हत्याकांड के बाद लगाए गए गैंगस्टर के मुकदमे से संबंधित है।

मुख्तार की ओर से मुकदमे में हो चुकी है जिरह

मुख्तार के सहयाेगी बृजेश सोनकर, धर्मेंद्र सोनकर, शिवशंकर जमानत पर रिहा हैं, लेकिन कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए। हालांकि मंगलवार को कोर्ट में गवाही देने के लिए हरेंद्र सिंह मौजूद रहे। एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अभियोजन पक्ष को मुकदमे में गवाही कराने का आदेश दिया। साथ ही नियत तिथि पर जेल में निरुद्ध राजू कनौजिया और जामवंत को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तलब करने का आदेश दिया। इस मुकदमे में मुख्तार अंसारी, राजन सिंह की ओर से मामले में जिरह की जा चुकी है। मुख्तार के साथ छह अन्य आरोपित हैं, जिन पर 26 मार्च 2014 को कोर्ट के द्वारा आरोप तय किया जा चुका है।

जौनपुर के पूर्व भाजपा विधायक पर चलेगा मुकदमा

प्रयागराज : जौनपुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह और उनके समर्थकों पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं होगा। शासन की अर्जी को विशेष न्यायालय ने खारिज कर दिया है। एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार को मुकदमा वापसी अर्जी को खारिज करते हुए आदेश दिया कि अभी तक मामले में आरोपितों के विरुद्ध आरोप तय नहीं किया गया है। 20 नवंबर को आरोपित कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। इसी दिन आरोप तय होगा। सुरेंद्र प्रताप सिंह के साथ उनके 13 समर्थकों पर कोतवाली जौनपुर के इंंस्पेक्टर एके सिंह ने मुकदमा पंजीकृत कराया था। कचहरी में धरना प्रदर्शन करने के लिए जाते समय ओलदगंज चौराहा पर दुकानदारों से मारपीट करने, दुकान बंद कराने के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप है। अभियोजन की ओर से 16 जुलाई 2021 को एमपी एमएलए विशेष कोर्ट में वाद वापसी की अर्जी प्रस्तुत की गई थी। कोर्ट ने कहा मामले में पीड़ित पक्षकार आम जनमानस में विधि विरुद्ध कार्य करने का बढ़ावा देने का कार्य किया है। वाद वापसी लोकनीति में उचित नहीं है।