इलाहाबाद : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी मंगलवार को प्रतापगढ़ शहर में विविध कार्यक्रमों में शामिल हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान कहा कि मोदी सरकार अपने घोटालों, महंगाई, अराजकता के माहौल व युवाओं के साथ रोजगार के मुद्दे पर छलावा कर देश की जनता का विश्वास खो चुकी है। केंद्र सरकार जनहित के हर मुद्दे पर निराशाजनक प्रदर्शन कर रही है।

कहा कि भारत बंद के दौरान कांग्रेस को देश व्यापी समर्थन मिला है। जनता ने मुखर प्रदर्शन से मोदी सरकार के सत्ता से पतन का साफ संदेश दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने व्यापारियों से रंगदारी मांगने की घटना के बाबत कहा कि प्रतापगढ़ ही नहीं पूरे सूबे की कानून व्यवस्था चरमरा गई है। अष्टभुजा नगर में अपर शिक्षा निदेशक प्रदीप ¨सह की मां के निधन पर उनके आवास पर जाकर संवदेना जताई। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद पांडेय की पत्नी एवं एमडीपीजी की प्रोफेसर स्व. स्नेहलता के के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष नर ¨सह प्रकाश मिश्र, पं. श्याम किशोर शुक्ल, शहर अध्यक्ष कपिल द्विवेदी, मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल, युवा इंका के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.नीरज त्रिपाठी, रोहित शुक्ला, जमुना प्रसाद पांडेय, मो.इसहाक खां, भगवती प्रसाद तिवारी, प्रशांत देव शुक्ल, दानिश माबूद आदि रहे।

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गौरा में ब्लाक प्रमुख का उपचुनाव 15 को

प्रतापगढ़ के गौरा ब्लाक प्रमुख पद के लिए उपचुनाव की तिथि घोषित हो गई है। यहां 15 सितंबर को मतदान व उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। ब्लाक प्रमुख रहे वेद प्रकाश ¨सह से बीडीओ महेश नारायण पांडेय से 1998 में विवाद पर वेद प्रकाश ¨सह का अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ। उसके बाद बंशीलाल सरोज प्रमुख बने। फिर चुनाव हुआ तो लक्ष्मीदेवी सोनी पत्नी राममूर्ति ब्लाक प्रमुख बनी। उसके बाद राममूर्ति उर्फ शिवपाल सोनी ब्लाक प्रमुख बने। कुछ महीनों बाद न्यायालय के आदेश पर रामकरन यादव प्रमुख बने। मामला उच्च न्यायालय पहुंचा तो न्यायालय के आदेश पर फिर राममूर्ति उर्फ शिवपाल सोनी ब्लाक प्रमुख बने। समय पूरा हुआ फिर चुनाव होने पर राकेश सरोज प्रमुख बने। 16 मार्च 2016 को पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा के पुत्र पूर्णाशु उर्फ श्यामू ओझा ने ब्लाक प्रमुख की शपथ ली। उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। मामला न्यायालय पहुंचा। न्यायालय के आदेश पर 9 मई 2018 को गौरा ब्लाक में अविश्वास प्रस्ताव पर पड़े मतदान की मतगणना हुई। जिसमें पूर्णाशु को हार मिली।

Posted By: Jagran