प्रयागराज, जागरण संवाददाता। महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु पर छाया रहस्य गहराता ही जा रहा है। अब तक यह संशय बना ही है कि महंत नरेंद्र गिरि ने वास्तव में सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या की या फिर यह एक सुनियोजित कत्ल है और सुसाइड नोट भी फर्जी है जिसे किसी और ने लिखा है। इस बीच यह पता चला है कि पुलिस को घटनास्थल यानी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के अतिथि कक्ष में एक बैग मिला है जो राजस्थान के अलवर जिले की मिठाई की दुकान का है। अब जांच एजेंसी के सामने यह सवाल है कि ये बैग अलवर से यहां कैसे आया, कौन लाया था उसे। उस शख्स का इस घटना से कोई ताल्लुक तो नहीं है। बैग का एंगल इस घटना को और भी रहस्यमय बना रहा है।

कलाकंद की दुकान का है थैला

सोमवार 20 सितंबर को दोपहर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के अतिथि कक्ष में क्या हुआ था, यही सवाल हर किसी को मथ रहा है। 12 पन्ने का सुसाइड नोट शुरू से ही लिखावट, कई बार कटिंग, हस्ताक्षर, बलवीर के बार-बार नाम आने से संदिग्ध है और उसे साधु संत भी फर्जी करार दे रहे हैं। घटनास्थल के हालात भी ऐसे थे कि शक बना हुआ है कि यह आत्महत्या है या फिर सुनियोजित तरीके से की गई हत्या। अब नया तथ्य यह है कि एसआइटी को अतिथि कक्ष यानी घटनास्थल पर मेज पर पीले रंग का एक थैला (बैग) मिला है। इसमें खास बात यह है कि ये थैला यहां का नहीं बल्कि राजस्थान में अलवर जिले का है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि थैले पर बाबा स्वीट शाप, अलवर लिखा है। अलवर में मिठाई की यह दुकान स्वादिष्ट कलाकंद के लिए मशहूर है।

कौन आया राजस्थान से, यह है बड़ा सवाल

अलवर के बाबा स्वीट शाप का थैला खाली था। उसमें मिठाई का डिब्बा नहीं था। ऐसे में यह भी बड़ा सवाल बनता है कि जब मिठाई का डिब्बा नहीं तो फिर बैग में लाया क्या गया था। उसमें मिठाई की बजाय कुछ ऐसा नहीं लाया गया जिसका ताल्लुक महंत की रहस्यमय हालात में मृत्यु से है। मठ के सेवादारों, महंत के शिष्यों, बटुकों, सुरक्षाकर्मियों से पूछा गया लेकिन कोई भी नहीं बता सका है कि राजस्थान से कोई आया था या नहीं और उस बैग को कौन लाया था। यहां पर यह भी उल्लेखनीय तथ्य है कि महंत की मृत्यु के मामले में गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए आनंद गिरि का भी मूल निवास राजस्थान है और वह भीलवाड़ा जनपद के रहने वाले हैं।

Edited By: Ankur Tripathi