प्रयागराज, जागरण संवाददाता। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में फंसे उनके शिष्य आनंद गिरि से मंगलवार को लंबी पूछताछ हुई। पुलिस अधिकारियों के सामने मुख्य आरोपित आनंद गिरि ने गुरु से जुड़े कई राज खोले हैं। माना जा रहा है कि इस प्रकरण में कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जाएगी। एडीजी समेत कई अधिकारी रात में पूछताछ करने की बात कह रहे हैं।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज है केस

महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में आनंद गिरि, बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी को कसूरवार बताया गया है। जार्जटाउन थाने में आनंद के विरुद्ध महंत को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज है। प्रयागराज लाए जाने पर आनंद गिरि को क्राइम ब्रांच के इंट्रोगेशन रूम में ले जाया गया, जहां आइजी व एसएसपी समेत कई अधिकारियों ने पूछताछ की। नरेंद्र गिरि से संबंध, उनसे विवाद और लगाए गए आरोपों से जुड़े सवाल पूछे गए। आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कई अहम राज उजागर किए। पुलिस अधिकारी इस संबंध में खामोश हैं कि आनंद गिरि ने क्या-क्या बताया है।

गोपनीय ढंग से हुई पूछताछ

पुलिस लाइन में आनंद गिरि से घंटों गोपनीय तरीके से पूछताछ चली। गेट नंबर एक को ही खोला गया था, वहां कई दारोगा, सिपाही और पीएसी के जवान तैनात थे। पुलिस कर्मियों के अलावा भीतर किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं थी। अन्य गेट पर ताला लगा दिया गया था।

नहीं कराया गया अंतिम दर्शन

आनंद गिरि के अधिवक्ता विजय द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने दोपहर में एसएसपी से मांग की थी कि पुलिस अभिरक्षा में ही कम से कम शिष्य को उनके गुरु का अंतिम दर्शन करा दिया जाए, मगर देर शाम तक ऐसा नहीं कराया गया। अधिवक्ता का कहना है कि सोमवार रात नौ बजे पकड़ा गया, लेकिन कोर्ट में नहीं पेश किया गया। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है।  

Edited By: Brijesh Srivastava