प्रयागराज, जागरण संवाददाता। श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में लगे सीसीटीवी कैमरे के बंद होने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अभी तक यही कहा जा रहा था कि दोपहर में बिजली गुल होने की वजह से कैमरे बंद हो गए थे, लेकिन अब करीब-करीब यह साफ हो गया है कि मठ की बिजली तो वर्षों से एक पल के लिए गुल ही नहीं हुई। मरम्मतीकरण के लिए बिजली विभाग ने जरूर 42 मिनट तक आपूर्ति बंद की थी, लेकिन इस दौरान मठ में लगे इनवर्टर काम कर रहे थे। साथ ही 63 केवीए क्षमता का जेनरेटर भी चालू किया गया था।

हरदम रोशन रहता था मठ

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में बिजली की ठोस व्यवस्था की थी। हमेशा मठ बिजली की रोशनी से जगमगाता रहे, इसके लिए उन्होंने चार किलोवाट क्षमता वाला इनवर्टर लगवाया था। साथ ही 63 केवीए क्षमता का जेनरेटर की भी व्यवस्था कराई थी। यह सभी कार्य करीब दस वर्ष पहले ही कर लिए गए थे। बिजली गुल होने पर इनवर्टर स्वत: काम करने लगते थे, जबकि एक-दो मिनट के भीतर जेनरेटर को चालू कर दिया जाता था। इनवर्टर और जेनरेटर से सभी कनेक्शन जुड़े हुए थे। ऐसे में सीबीआइ ने जब जांच शुरू की और सीसीटीवी कैमरों को बंद पाया तो पूछताछ की, जिस पर बताया गया कि दोपहर के समय बिजली गुल थी। इस वजह से उस समय कैमरे बंद हो गए थे। सूत्रों के अनुसार सीबीआइ ने गहनता से इसकी पड़ताल की तो मालूम चला कि बख्शी बांध उपकेंद्र के एसपी मालवीय फीडर से मठ में आपूर्ति होती है। इस फीडर से मठ के साथ ही छह सौ घरों में आपूर्ति दी जाती है। घटना वाले दिन मठ से कुछ दूर पर पेड़ की डाल तार पर गिरने की वजह से जंपर कट गया था। जिस कारण बिजली विभाग ने 12:16 बजे से 12:58 बजे तक आपूर्ति बंद की थी। यानि 42 मिनट। लेकिन इसका असर मठ की बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ा। यहां लगा चार किलोवाट क्षमता का इनवर्टर चालू हो गया था। 63 केवीए क्षमता के जेनरेटर को भी तत्काल चालू किया गया था। ऐसे में उपकेंद्र द्वारा बिजली आपूर्ति बंद करने से कैमरों का काम न करने की थ्योरी अब उलझ गई है।

बैटरी में भरपूर मिला बैकअप

सीसीटीवी कैमरे काम न करने की एक और वजह सामने आई थी। वह यह कि इनवर्टर की जो बैटरी थी, उसमें बैकअप कमजोर था। सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ ने इसकी भी छानबीन की तो पता चला कि बैटरियों में भरपूर बैकअप था।

 

Edited By: Ankur Tripathi