प्रयागराज, जागरण संवाददाता। आम लोगों की जेब अब रसोई की आवश्‍यक वस्‍तुओं के लिए और ढीली होंगी। ऐसा इसलिए कि खाद्य तेलों की कीमतों में फिर तेजी का रुख हो गया है। पिछले करीब 10 दिनों में सरसों तेल का थोक रेट 15 किलो टिन पर 150 रुपये बढ़ गया है। वहीं सोयाबीन फार्च्‍यून यानी रिफाइंड की कीमत 100 रुपये 15 लीटर टिन और पामोलीन का दाम भी 15 किलो टिन पर 100 रुपये बढ़ा है। डालडा के मूल्य में भी 50 रुपये प्रति 15 किलो टिन की वृद्धि हुई है। इससे इन खाद्य तेलों के फुटकर दाम भी बढ़ गए हैं। आम लोगाें की इससे समस्‍या बढ़ जाएगी।

डेढ़-दो माह पूर्व खाद्य तेलों के रेट में आई थी गिरावट

उल्‍लेखनीय है क हाेली के बाद से खाद्य तेलों की कीमत बहुत तेजी से बढ़ी थी। लगभग डेढ़-दो महीने पहले रेट में गिरावट होना शुरू हो गया था। करीब पखवाड़ा भर पहले सरसों तेल का थोक रेट 2450 रुपये (15 किलो टिन), फार्च्‍यून का दाम 2200 रुपये (15 लीटर टिन) और पामोलिन का रेट 1950 रुपये (15 किलो टिन) था। डालडा का दाम भी 1950 रुपये (15 किलो टिन) था।

10 दिनों में बढ़ गया दाम

पिछले 10 दिनों के अंदर सरसों के तेल का रेट बढ़कर 2600 रुपये (15 किलो टिन), फार्च्‍यून का दाम चढ़कर 2300 रुपये (15 लीटर टिन), पामोलिन का मूल्य बढ़कर 2050 रुपये (15 किलो टिन) हो गया। इसी प्रकार डालडा का दाम भी उछाल मारकर 2000 रुपये (15 किलो टिन) हो गया।

फुटकर में इस रेट में बिक रहा खाद्य तेल

फुटकर में सरसों तेल का रेट 160 से 165 रुपये किलो हो गया है। वहीं फार्च्‍यून 130 से 135 रुपये लीटर और पामोलीन का दाम 120 से 125 रुपये प्रति किलो हो गया है।

कंपनियों के रेट बढ़ाने से बाजार में आई तेजी : सतीश चंद्र केसरवानी

इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी का कहना है कि कंपनियों द्वारा रेट बढ़ा देने से बाजार में भी तेजी आई है। कीमतों में तेजी की वजह पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि होने के कारण माल भाड़ा में बढ़ोतरी होने को मानी जा रही है।

Edited By: Brijesh Srivastava