प्रयागराज, जागरण संवाददाता। महीने, हफ्ते क्या अब हर दिन रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं। कुछ दिन पहले तक सरसों के तेल ने लोगों को रुला दिया था। कुछ दिन कीमतें थमने के बाद एक बार फिर सरसों का तेल महंगाई के पायदान चढ़ने लगा है। अब सरसों का तेल फिर से 180 से 185 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। हालांकि फारचून और पामोलिन आयल के कीमतों में कमी आने से लोगों को राहत भी मिलेगी लेकिन सरसों के तेल का दाम बढ़ने का सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ने वाला है।

सरसों तेल महंगा लेकिन पामोलिन के दाम में गिरावट

थोक गल्ला मंडी के आंकड़ों को देखें तो सोमवार को सरसों का तेल 2380 रुपये टिन (पंद्रह किलो) पहुंच गया। जो की मंगलवार को बढ़कर 2400 रुपये टिन पर पहुंच गया। वहीं रिफाइंड की बात करें तो यह 2300 रुपये टिन से घटकर से 2200 रुपये हो गया। इसी प्रकार पामोलिन आयल 2200 रुपये प्रति टिन से 2150 रुपये हो गया। थोक में महंगाई ने तड़का लगाया तो फुटकर रेट ने भी उछाल मारा। फुटकर बाजार की बात करें तो बैल कोल्हू 160 रुपये प्रतिकिलो से 175 पर आ गया जबकि दो गुलाब 165 से 178 रुपये पहुंच गया है। फारच्यून का दाम 160-165 रुपये पर आ गया है।

मिलों ने बढ़ाया सरसों के तेल का दाम

इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी ने बताया कि पिछले कई दिनों से खाद्य तेलों के बढ़ती कीमतों में रुकावट थी। रिफाइंड और पामोलिन के दाम तो कम भी हो रहे थे। इससे लोगों को काफी राहत मिल रही थी, लेकिन मिलों के दाम बढ़ाने के कारण सरसों के तेल के दाम में फिर से उछाल आ गया।

रेट चार्ट               पहले           अब

सरसों का तेल        2380         2400

रिफाइंड               2300         2200

पामोलिन              2200         2150

Edited By: Ankur Tripathi