प्रयागराज : जिले में मूंज क्राफ्ट इंडस्ट्री अब आकार लेगी। इसके प्रोत्साहन के लिए प्रदेश सरकार ने 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के तहत ऋणनीति घोषित कर दी है। योजना के तहत उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही उद्यम शुरू करने के लिए उद्यमी को कुल प्रोजेक्ट लागत की 10 फीसद पूंजी अपनी जेब से लगानी होगी। बाकी बैंक से ऋण मिलेगा।

 छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले साल एक जिला एक उत्पाद योजना बनाई थी। योजना के तहत प्रयागराज का चयन मूंज क्राफ्ट के लिए हुआ था, लेकिन इस योजना को बढ़ावा देने के लिए अब तक कोई ठोस रणनीति नहीं बनाई गई थी। अब इसके लिए नीति तय कर दी गई है। योजना के तहत मूंज क्राफ्ट इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए सवा करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर सरकार की ओर से 15 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। 10 फीसद रकम जेब से लगानी होगी। जबकि परियोजना पर आने वाला बाकी नब्बे फीसद खर्च ऋण के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा।

शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं :

-आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

-शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है।

-आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी भी सदस्य को योजना के तहत केवल एक बार ही लाभांवित किया जाएगा।

-आवेदक द्वारा पात्रता की शर्तों को पूर्ण किए जाने के संबंध में शपथ पत्र देना होगा।

-अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन के लाभार्थियों के लाभ के लिए सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्रों की प्रमाणित प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा।

क्या है आवेदन की प्रक्रिया :

लाभार्थी द्वारा निर्धारित प्रारूप पर आवेदन पत्र, शपथ पत्र एवं परियोजना प्रपत्र समेत सभी आवश्यक अभिलेख उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में हर महीने जमा किया जा सकता है।

कितना मिलेगा अनुदान :

-25 लाख तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों के लिए लागत का करीब 25 फीसद अधिकतम 6.25 लाख जो भी कम हो, अनुदान मिलेगा।

-25 लाख से अधिक और 50 लाख की परियोजना लागत की इकाइयों के लिए 6.25 लाख अथवा परियोजना लागत का 20 फीसद जो भी अधिक हो, अनुदान मिलेगा।

-50 लाख से अधिक एवं 150 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए 10 लाख अथवा 10 फीसद जो भी अधिक हो, सब्सिडी मिलेगी।

कमेटी करेगी चयन :

लाभार्थियों का चयन कमेटी करेगी। कमेटी के अध्यक्ष डीएम और सदस्य सचिव उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र होंगे। जबकि अग्रणी बैंक के जिला प्रबंधक, वित्त पोषण करने वाले प्रमुख बैंकों के जिला समंवयक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष अथवा उनके प्रतिनिधि, जिले के चयनित उत्पाद से संबंधित विभागीय अधिकारी सदस्य होंगे।

लाभार्थियों का चयन साक्षात्कार के जरिए होगा। ऋण स्वीकृत होने के बाद नए लाभार्थियों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण राजकीय पॉलीटेक्निक, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, उद्यमिता विकास संस्थान आदि के जरिए दिया जाएगा।

-एके चौरसिया, उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र।

Posted By: Brijesh Srivastava