प्रयागराज, जागरण संवाददाता। रसूल की शहादत पर गम मनाए जाने वाला माहे मोहर्रम चांद दिखने पर आठ अथवा नौ अगस्त को शुरू हो जाएगा। वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना जव्वादुल हैदर रिजवी ने मोहर्रम के संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से जारी की गई गाइडलाइन को समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। इसलिए इसे रद करने की मांग की है। मोहर्रम गम और कर्बला के शहीदों पर मातम मनाने के लिए मनाया जाता है। प्रशासन ने गाइडलाइन में उसे लेकर उचित भाषा का प्रयोग नहीं किया है।

पुलिस-प्रशासन की गाइडलाइन रद करने की मांग उठी

हसनी हुसैनी फाउंडेशन के वजीर खां, शिया सुन्नी इत्तेहाद कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता किताब अली, उम्मुल बनीन सोसाइटी के महासचिव सै. मो. अस्करी, चकिया करबला कमेटी के नायब सद्र शाहिद अब्बास रिजवी ने मोहर्रम को लेकर जारी गाइडलाइन की भाषा-शैली पर आपत्ति दर्ज कराते हुए उसे रद करने की मांग की है। कहा कि ऐसा न किया गया तो गाइडलाइन को नहीं मानेेंगे और न न ही किसी प्रशासनिक बैठक में भाग लेंगे।

इमामबाड़ों में शुरू हुई तैयारी

मोहर्रम के मद्देनजर इमामबाड़ों की साफ-सफाई का काम जोर-शोर से चल रहा है। वहीं, दर्जनों मातमी अंजुमनों ने शायरों से नौहा लिखवा कर उसकी तर्ज निगारी और लय देने का अभ्यास शुरू कर दिया है। दरियाबाद की अंजुमन नकवीया, हाशिमया, हुसैननिया कदीम, हुसैनिया रजिस्टर्ड, असगरिया, मोहाफिजे अजा, मुहाफिजे अजा कदीम, रानीमंडी की अंजुमन अब्बासिया, हैदरया, आबिदया, मजलूमिया, शब्बीरिया तथा बख्शी बाजार की अंजुमन गुंचा ए कासिमया आदि ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल-पहल बढ़ी

मोहर्रम को लेकर जहां इमामबाड़ों में तैयारी शुरू है वहीं मुस्लिम बहुल इलाकों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। घरों में भी लोग मोहर्रम की तैयारी कर रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण भले ही प्रयागराज में कम हो गया है लेकिन पूरी तरह से समाप्‍त नहीं हुआ है। इसे लेकर कोविड-19 गाइडलाइन का भी पालन किया जा रहा है। ऐसे में मोहर्रम को मनाने की तैयारी की जा रही है।

Edited By: Brijesh Srivastava