प्रयागराज : एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में माननीयों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सुनवाई होती है। फिर भी प्रतापगढ़ से कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह जिस मुकदमे में खुद वादी हैं, उस केस को भी एमपी एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। जब यह जानकारी न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी को मिली तो उन्होंने केस प्रतापगढ़ वापस करवा दिया।

 एक पत्रिका में छपे किसी समाचार से आहत होने पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पत्रिका के संपादक और संवाददाता पर परिवाद दर्ज कराया था। मामले में सम्मन भी जारी हुआ था। इसके बाद मुकदमा एमपी एमएलए कोर्ट भेज दिया गया था। पत्रावली खोली गई तो पता चला कि अभियुक्त एमपी अथवा एमएलए नहीं है। इस कारण मुकदमे की पत्रावली बिना सुनवाई वापस प्रतापगढ़ भेज दी गई।

भाजपा विधायक ने किया सरेंडर, मिली जमानत

मुजफ्फरनगर से भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने एमपी एमएलए कोर्ट में दो मुकदमों में सरेंडर किया। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सरेंडर अर्जी स्वीकार करते हुए विधायक को न्यायिक हिरासत में ले लिया। दोनों मुकदमे में जमानत व 20-20 हजार रुपये का मुचलका पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया।

क्‍या था मामला

पहला मुकदमा मुजफ्फरनगर के आरपीएफ इंस्पेक्टर ने तीन अप्रैल 2012 को दर्ज कराया था। आरोप है कि भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश व केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ट्रेन रोका और रेल लाइन अवरुद्ध कर दिया था। दूसरा मुकदमा मुजफ्फरनगर के कोतवाली थाने में 17 जनवरी 2017 को दारोगा इंद्रजीत ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में कपिलदेव के खिलाफ दर्ज कराया था।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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