जागरण संवाददाता, प्रयागराज : चैत्र वर्ष प्रतिपदा पर प्रत्येक गांव में राम जन्मोत्सव बनाया जाएगा। लव जेहाद रोकने के लिए मातृ शक्ति को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यह बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने माघ मेला क्षेत्र में विश्व हिदू परिषद (पूर्वी उत्तर प्रदेश) के दो दिवसीय चिंतन शिविर के आखिरी दिन भारतीय समाज की आवश्यकताओं पर मंथन के दौरान कहीं। कहा कि दासता ने हमारे समाज को छिन्न भिन्न किया लेकिन यात्राओं और त्यौहारों की परिपाटी से मौलिकता जीवित है। हमारे संस्कार व घरेलू माहौल के कारण भी हिदू समाज की हिम्मत बनी रही। पं. जवाहर लाल नेहरू ने अपनी पुस्तक में भारत को तीर्थ यात्राओं वाला देश बताया है।

महासचिव ने कहा कि हमारे समाज में सदा वसुधैव कुटुंबकम का भाव रहा है। सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की कामना हम करते रहे हैं। यह भावना आज भी कायम है। गो, गंगा और गीता हमारे जीवन का आधार है। हम सब को इसके लिए भी कार्य करना होगा। यदि रामजन्मभूमि मुक्ति आदोलन की बात करें तो राष्ट्र के गौरव को ऊंचा उठाने के लिए यह ग्लानि से गौरव की ओर ले जाने की गाथा रही है। आज रामजन्मभूमि को देखने दुनिया भर के लोग आ रहे हैं। हमारे देश में सभी को उसके विश्वास के अनुसार उपासना एवं धाíमक क्रिया कलापों की अनुमति रही है। यह हिन्दू समाज की सहिष्णुता का घोतक है।

विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश सिंह ने कहा कि संगठन का तंत्र प्रत्येक गाव तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने की भी तैयारी है। खासकर सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए संतों का भी आशीर्वाद लिया जाएगा। मौके पर शंभूनाथ, दिवाकर त्रिपाठी, गुरु प्रसाद, मुकेश कुमार, विमल प्रकाश, सुरेश अग्रवाल, आर्यन गोयल, अनिल पाडेय, आशुतोष श्रीवास्तव, उमाकात द्विवेदी, प्रतिभा सिंह, सीमा जाधव आदि उपस्थित रहीं। परेड मैदान में 'गुरुजी' ने घर वापसी एवं परावर्तन पर किया था चिंतन

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने कहा कि सत्तावन वर्ष पूर्व विहिप की स्थापना की गई। इसके दो वर्ष बाद ही प्रयागराज के परेड मैदान में पहला हिदू सम्मेलन हुआ। इसमें माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर 'गुरुजी' ने घर वापसी एवं परावर्तन जैसे विषय पर चिंतन कर कार्य भी शुरू कराया था।

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