मऊआइमा/नवाबगंज : शारदीय नवरात्र में नौ दिन तक मां दुर्गे की प्रतिमा को दुर्गा पंडाल में रखकर भक्तों द्वारा सुबह-शाम धूपबत्ती करते हुए पूजा आरती की गई। इस दौरान बाल कलाकारों द्वारा रंग-मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन दिखाया गया। दसवें दिन मां दुर्गे की प्रतिमा को गाजे-बाजे के साथ नम आंखों से मऊआइमा के जोगीपुर, हरखपुर व मदारी से गुजरी शारदा सहायक नहर में विसर्जित किया गया। पिछले वर्ष विसर्जन के दौरान शारदा सहायक नहर र्म पानी था लेकिन इस वर्ष नहर में पानी न आने से मूíत विसर्जन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

रविवार को शारदा सहायक नहर में अलावलपुर, बाजितपुर, बहेरा, खमपुर, सिसवा, मदारी, राजा का पुरवा, बेलखरिया का पूरा, बालाडीह, महारौडा, सेमरा, बीरभानपुर, मदारी, गदियानी समेत दर्जन भर गांव की मूíतयां विसर्जित की गई।

नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार दासापुर गांव स्थित काली मंदिर, बुदौना दुर्गा मंदिर, कौडि़हार दुर्गा मंडप, ओठगी गांव दुर्गा पंडाल, गनीपुर गांव दुर्गा पंडाल, मंसूराबाद सहित अन्य पूजा पंडालों में श्रद्धापूर्वक कलश विसर्जन हुआ। गाजे-बाजे के साथ मां के कलश को लेकर लोग तालाब लेकर गए। विधि-विधान के साथ कलश को विसर्जित किया गया। नवाबगंज पुलिस द्वारा विसर्जन के दौरान जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गये थे। वहीं हर प्रतिमा के साथ पुलिस की एक टीम तैनात की गई थी। प्रतिमा के विसर्जन के दौरान कई स्थानों पर शोभा यात्रा भी निकाली गई। जिसमें लोगों ने अपने करतब का प्रदर्शन किया। देर रात तक लोग सड़क के दोनों किनारे खड़े होकर लोगों ने मां दुर्गा को विदाई दी। इस दौरान जयकारे भी लगाए गए।

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