प्रयागराज, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी ने सबको परेशान और बेजार किया है लेकिन  सबसे ज्यादा आफत उन कामगारों और स्ट्रीट वेंडर की रही है जो रोज के पगार और कमाई से परिवार का गुजारा करते हैं। कोरोना की पहली के बाद दूसरी लहर ने इस वर्ग को खासी चोट पहुंचई है। अब आपदा राहत सहायता योजना से  जिले के करीब सवा लाख कामगारों को एक-एक हजार रुपये शासन की ओर से नकद भुगतान किया गया है।

एक महीने से ज्यादा रहे बेरोजगार

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान पूरे एक महीने कामगारों और ज्यादातर स्ट्रीट वेंडरों का धंधा बंद रहा। इसके मद्देनजर शासन ने कामगारों और स्ट्रीट वेंडरों को एक हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की थी। इसके लिए श्रम विभाग की ओर से एक लाख 27 हजार 364 कामगारों का ब्योरा शासन को भेजा गया था। इसमें से एक लाख 24 हजार 729 कामगारों को सीधे उनके खाते में एक हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया गया है। जबकि, 2635 कामगारों के आवेदन इसलिए वापस कर दिए गए, क्योंकि उनके खाते आधार से लिंक नहीं थे अथवा केवाईसी नहीं थी। अब श्रम विभाग ऐसे कामगारों को खोजकर उनके खाते अपडेट कराने में जुटा है। ताकि, उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके।

26051 स्ट्रीट वेंडरों के पैसे अटके

आपदा राहत सहायता योजना के तहत शहरी क्षेत्र के 26051 स्ट्रीट वेंडरों का ब्योरा भी डूडा की ओर से जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया था। लेकिन, स्ट्रीट वेंडरों के पैसे अटके हुए हैं। आजाद हाकर स्ट्रीट वेंडर एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री रविशंकर द्विवेदी का कहना है कि प्रदेशभर के पटरी दुकानदारों को सहायता राशि नहीं दी गई। शासन इन्हें भी जल्द सहायता राशि मुहैया कराए।

अधिकारी का यह है कहना

जिन कामगारों के खाते अपडेट नहीं थे। उन कामगारों से संपर्क करके उनके खाते अपडेट कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भी जल्द सहायता राशि मिल सके।

राकेश द्विवेदी, उप श्रमायुक्त।

Edited By: Ankur Tripathi