प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपित पिता की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि एक पिता का यह कृत्य न केवल चौंकाने वाला बल्कि अमानवीय भी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने मथुरा के महेंद्र सिंह की जमानत अर्जी पर दिया है।

बेटी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में पिता की करतूत की थी उजागर

नाबालिग लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में अभियोजन कथानक को सही बताते हुए उसका समर्थन किया। आरोपित पिता का कहना था कि उसका अपनी पत्नी से वैवाहिक विवाद चल रहा है। उसकी 4 बेटियां हैं और वह चारों की देखभाल अच्छी तरह से करता है। उसका कहना था की मां के कहने पर गलत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सरकारी वकील ने कहा कि पीड़िता बेटी ने अपने बयान में इस घटना को सही बताया है, ऐसे में ऐसी हरकत करने वाले शख्स को जमानत पर रिहा करना कतई उचित नहीं होगा।

अश्लील मैसेज भेजने के आरोपित को बेल नहीं

प्रयागराज : महिला के वाट्सएप पर अश्लील मैसेज और वीडियो भेजने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोपित रवि सिंह की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है। अपर जिला जज मनीष निगम ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जयकांत तिवारी एवं आरोपित के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने व अभियोजन प्रपत्रों के अवलोकन के उपरांत जमानत अर्जी खारिज किया।

अभियोजन ने अदालत को बताया कि मामला अज्ञात में दर्ज हुआ था। साइबर सेल द्वारा ट्रेस किया गया तो पता चला कि आरोपित ने फर्जी आईडी से पीड़िता के मोबाइल पर अश्लील मैसेज व वीडियो कॉल किया था।

Edited By: Ankur Tripathi