प्रयागराज, जेएनएन। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी' को फोन पर धमकी देकर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मंत्री को धमकाने और रंगदारी मांगने के लिए सिम कार्ड फर्जी आइडी पर लिया गया था।

बांदा के पते से लिया गया था सिम कार्ड
जांच से साफ हुआ है कि सिम कार्ड अनुराग तिवारी पुत्र संतोष तिवारी निवासी बांदा के पते पर लिया गया। प्रयागराज पुलिस बांदा पहुंची तो फर्जीवाड़े का पता चला। जिस अनुराग के नाम और पते पर सिम लिया गया, वह तो पुलिस को मिला लेकिन वह सिम उसके पास नहीं है।

मतदान के दिन मंत्री नंदी को दी गई मोबाइल पर धमकी
पुलिस का कहना है कि अनुराग के नाम पर किसी और ने सिम लेकर धमकी का खेल खेला। 12 मई को प्रयागराज में मतदान हो रहा था। मंत्री नंदी शहर में थे। दोपहर करीब बारह बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि बहुत बड़े मंत्री बन गए हो। एक बार बम पड़ा था तो बच गए, अबकी बार बम मारेंगे तो तुम्हारे चीथड़े उड़ जाएंगे। इस चुनाव में तुम्हारी हत्या करवा दूंगा। धमकी देने के साथ ही फोन करने वाले ने पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। कहा पैसा नहीं मिला तो परिवार की हत्या हो जाएगी। इसके बाद फोन काट दिया गया। कुछ देर बाद उसी नंबर से आपत्तिजनक संदेश भेजा गया।

कोतवाली थाने में दर्ज हुई है रिपोर्ट
मंत्री ने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को देने के बाद अपने वकील सुभाष वाजपेयी के मार्फत कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। विवेचक रवींद्र यादव ने मोबाइल कंपनी से रिकार्ड निकलवाया तो सिम कार्ड बांदा से अनुराग तिवारी के नाम लिए जाने की बात सामने आई। बांदा पहुंची पुलिस अनुराग से पूछताछ कर रही है। पुलिस कॉल डिटेल और आइएमआइ के जरिए कुछ और सुराग पाने की कोशिश में है।

बोले सीओ प्रथम
सीओ प्रथम रत्नेश सिंह के मुताबिक, दो टीमें लगी हैं। जल्द ही गिरफ्तारी होगी। रिमोट बम से हुआ था हमला: सुलाकी चौराहा, बहादुरगंज निवासी मंत्री नंदी पर 2010 में रिमोट बम से हमला हुआ था। हमले में उनके गनर व एक पत्रकार की मौत हुई थी। मामले में विधायक रहे विजय मिश्र और पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्र का नाम आया था।

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