प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सर सुंदर लाल छात्रावास में शुक्रवार को रैगिंग के बाद शताब्दी ब्वायज हॉस्टल में भी रैगिंग की शिकायत मिली। इस पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को आधी रात इविवि प्रशासन के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने भारी फोर्स के साथ चैथम लाइन स्थित शताब्दी हॉस्टल में छापा मारा। इस दौरान छह संदिग्ध छात्र मिले। उनके आइ कार्ड जब्त कर लिए गए हैं।

छात्र ने चीफ प्रॉक्टर से शताब्दी हॉस्टल में रैगिंग की शिकायत की थी

बता दें कि सोमवार को इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राम सेवक दुबे के पास एक छात्र के अभिभावक ने फोन कर शताब्दी हॉस्टल में रैगिंग की शिकायत की थी। उसने बताया कि देर रात हॉस्टल के सीनियर छात्र परिचय के नाम पर जूनियर छात्रों की रैगिंग करते हैं। चीफ प्राक्टर ने आधी रात बाद भारी फोर्स के साथ शताब्दी हॉस्टल में छापा मारा। इससे वहां हड़कंप मच गया।

इविवि प्रशासन ने संदिग्धों के आई कार्ड को जब्त किया

इविवि के चीफ प्रॉक्टर राम सेवक दुबे ने बताया कि लगभग एक घंटे तक चली छापेमारी के दौरान छह संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ करने के बाद उनके आई कार्ड जब्त कर लिए गए। सभी को मंगलवार को कुलानुशासक कार्यालय में बुलाया गया है। छापेमारी के दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राम सेवक दुबे के अलावा उनके सुरक्षा अधिकारी अजय प्रताप सिंह, शताब्दी हॉस्टल के अधीक्षक प्रदीप कुमार, एसएसएल हॉस्टल के अधीक्षक डॉक्टर संतोष सिंह, विनम्र सेन और एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र, इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी समेत कई थानों की फोर्स रही। देर रात तक एसएसएल और पीसीबी हॉस्टल में भी छापेमारी की करवाई की गई।

एसएसएल से शताब्दी हॉस्टल तक पहुंच गया रैगिंग का जिन्न

इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) के सर सुंदरलाल छात्रावास से निकला रैगिंग का जिन्न अब शताब्दी हॉस्टल तक पहुंच गया है। शताब्दी हॉस्टल में भी सीनियर छात्रों द्वारा जूनियरों सेे देर रात रैगिंग की जा रही है। मामले की मौखिक शिकायत चीफ प्रॉक्टर से की गई है।

शिकायत पर इविवि प्रशासन ने सात छात्रों को निष्कासित कर केस दर्ज कराया था

शुक्रवार की देर रात सर सुंदरलाल हॉस्टल में रहने वाले बीए तृतीय वर्ष के छात्रों की ओर से इंट्रो के नाम पर जूनियर छात्रों से रैगिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इस मामले में इविवि प्रशासन ने सात छात्रों को इविवि से निलंबित करते हुए हॉस्टल से निकाल दिया था। साथ ही इविवि प्रशासन ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया। मामले में जिला प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए रिपोर्ट भी तलब कर ली थी।

अब एसएसएल हॉस्टल से शताब्दी हॉस्टल तक पहुंचा रैगिंग का मामला

अभी मामला ठंडा नहीं हुआ और रैगिंग का जिन्न एसएसएल हॉस्टल से शताब्दी हॉस्टल पहुंच गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शताब्दी हॉस्टल में देर रात नवप्रवेशी छात्रों को सीनियर छात्र बुलाकर उनसे पहले परिचय पूछते हैं। इसके बाद उनसे खुद को गाली देने को कहते हैं। साथ ही उन्हें मुर्गा भी बनवाते हैं। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी जाती है।

 

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Posted By: Brijesh Srivastava

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