प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज के कुंभनगर में कुंभ के दूसरे शाही स्नान महापर्व, मौनी अमावस्या पर संगम में जनसमुद्र उमड़ पड़ा। कल देर रात से ही पतितपावनी गंगा, श्यामल यमुना व अदृश्य सरस्वती की मिलन स्थली यहां के पावन संगम में लोगों ने शुभ मुहूर्त में डुबकी लगनी शुरू कर दी। कोहरे तथा ठंड पर पर लोगों के आस्था का सैलाब भारी है। आज तो तड़के से ही यहां हर तरफ लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है।

मौनी अमावस्या पर संगम पर जन सैलाब उमड़ पड़ा है। दोपहर बाद भी स्नान घाटों पर दिख रहा श्रद्धालुओं का रेला। कुंभ मेला प्रशासन ने दावा किया कि दोपहर तीन बजे तक तीन करोड़ 25 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक प्रयागराज कुंभ में मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। सुबह से ही घाटों पर स्नान के लिए लोगों का रेला शुरू हो गया था। यह सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा।भीड़ को देखते हुए सरकार ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस दूसरे शाही स्नान पर विदेशी श्रद्धालु भी उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। सभी 13 अखाड़ों के संतों ने संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान प्रशासन की तरफ से हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जा रही है। विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक प्रयागराज कुंभ में आज मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। सुबह से ही घाटों पर स्नान के लिए लोगों का रेला लगा हुआ है। भीड़ को देखते हुए सरकार ने भी विशेष इंतजाम किए हैं।

पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस शाही स्नान पर विदेशी श्रद्धालु भी उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। उन्हें यहां कुंभ में स्नान करने के साथ भारत दर्शन और आस्था दर्शन भी देखने को मिल रहा है। प्रयागराज कुम्भ में मौनी अमावस्या पर श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी एवं पंचायती अटल अखाड़े ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। यहां पर श्रद्धालुओं ने शाही स्नान के वैभव व नागा संन्यासियों का दर्शन किया।

मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद ही घंटा-घडिय़ाल के बीच स्नान दान का क्रम शुरू हो गया। त्रिवेणी तट पर पुण्य की डुबकी के लिए आस्था का जनसैलाब हिलोरे मारते दिखा। शहर से लेकर कुंभ मेला क्षेत्र तक की सड़कें चहुंदिश श्रद्धा पथ में तब्दील हैं। देश व दुनिया से आए संतों, श्रद्धालुओं, पर्यटकों का ऐसा सागर उमड़ा कि लगभग 5.5 किमी परिधि में फैले संगम के सर्कुलेटिंग एरिया में तिल रखने भर की जगह नहीं बची।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी यहां पर सुबह करीब पांच बजे ही संगम पर डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि आज पवित्र स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आज कुंभनगर में संगम पर 40 से अधिक घाट पर करोड़ों श्रद्धालुओं पहुंचे हैं। मौनी अमावस्या महात्म्य और दिव्यता के सारांश को एक सूत्र में पिरोता हुआ एक संक्षिप्त प्रयास है। 

हर हर महादेव और जय गंगा मैया के गगनभेदी जयघोष के बीच कोई हाथों में ध्वज लिए संगम की ओर दौड़ता जा रहा था तो कोई दंड-कमंडल के साथ भी है। यह सिलसिला देर रात से शुरू होकर अब चरम पर है। मौनी के महास्नान के लिए शनिवार से ही कुंभ मेला क्षेत्र में आस्था का रेला उमडऩे लगा था। कल दोपहर तक कुंभ मेला क्षेत्र 'जनसमुद्र' में तब्दील नजर आया।

कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने लगाई डुबकी

कानून मंत्री ब्रजेश पाठक  ने परिवार समेत प्रयागराज कुंभ में संगम की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई। मंत्री पाठक ने कुंभ के इंतजामों को बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि मां गंगा के आशीर्वाद से 2019 में एक बार फिर मोदी सरकार बनेगी। ब्रजेश पाठक ने संगम में स्नान कर पुण्य लाभ लिया और देश व प्रदेश में शांति व समृद्धि की कामना की। 

सुबह से ही बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों से कुंभ मेला क्षेत्र को जाने वाली सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ ही दिखाई दे रही थी। मेला क्षेत्र जाने वाले प्रवेश मार्गों अलोपीबाग चौराहा, हर्षवर्धन चौराहा, मिंटो पार्क गेट, नैनी क्षेत्र में लेप्रोसी चौराहा, देवरख, झूंसी व फाफामऊ में भारी भीड़ पहुंच गई थी। आधी रात तक मेले के आसपास बनाए गए 95 में से 88 र्किंग स्थल वाहनों से ठसाठस थे। शुभ मुहूर्त से पहले संगम तट और गंगा-यमुना के घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा हो चुका था।

भीड़ प्रबंधन के चलते तीन से पांच किमी पहले ही वाहनों को रोक दिए जाने से सड़कें हर तरफ पैदल पथ में तब्दील हो गईं थीं। सिर पर गठरी, कंधे पर झोला, हाथों में बच्चों और महिलाओं का हाथ थामे लोग संगम तट की ओर लंबे डग भरते रहे।

इससे पहले फाफामऊ से अरैल के बीच संगम के लंबे दोनों तटों पर बने 40 स्नान घाटों पर दिन भर पुण्य की डुबकी लगी थी। स्नान के साथ ही शाम को दीपदान भी हुआ। दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों ने बच्चों, महिलाओं के हाथों दीपदान कराया। इसकी वजह से आकर्षक फ्लोटिंग बैरिकेटिंग के बीच गंगा-यमुना की लहरों पर एक तारामंडल इतराता दिखा।

शुभ मुहूर्त में संगम तट की रेती पर बिछे पुआलों पर घंटों से इंतजार कर रहे दूर-दराज से आए लाखों की तादाद में श्रद्धालु जय गंगा मैया, हर-हर महादेव का जयकार करते हुए पुण्य की डुबकी लगाने लगे। झमाझम डुबकी का दौर देखते ही बना। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने बताया कि इस बार मौनी अमावस्या पर चार करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी मौनी अमावस्या की शुभकामना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज कुंभ के प्रमुख स्नान मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों और कुंभ में स्नान के लिए आये देश-विदेश के संत-महात्मा और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामना दी है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष मौनी अमावस्या विशिष्ट सुयोग के साथ संपन्न होने जा रही है। कुंभ के आयोजन में सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में तथा बृहस्पति वृश्चिक राशि में तथा अमावस्या की तिथि सोमवार को पड़ रही है। ऐसी सोमवती अमावस्या का योग वर्षों बाद आया है। उन्होंने शाही स्नान समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए मेला प्रशासन को निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं उनके प्रवास की सभी व्यवस्था की भी हिदायत दी है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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