प्रयागराज, जागरण संवाददाता। 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुए अटाला बवाल के मास्टरमाइंड आऱोपित जावेद पंप ने रविवार को पुलिस से कहा कि कानपुर की घटना के बाद वह काफी गुस्से में था। इसी कारण उसने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी। चार जून को फेसबुक पर लिखा था कि उसे न्यायालय पर विश्वास नहीं है। सरकार मुस्लिम विरोधी कार्य कर रही है। हालांकि घर से बरामद तमंचा और कारतूस के बारे में कुछ नहीं बताया। सिर्फ इतना ही कहा कि उसे मालूम नहीं है कि उसके घर में किसने असलहा रखा। जब उसके मकान से तमंचा बरामद किया गया था, तब वह जेल में बंद था। दो दिनों तक पूछताछ के बाद पुलिस ने जावेद को रविवार रात देवरिया जेल भेज दिया। उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही थी।

घर टूटने का मलाल लेकिन चेहरे पर कोई शिकन नहीं

पुलिस अधिकारियोंं का कहना है कि बवाल के सूत्रधार जावेद के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उसे मकान टूटने का मलाल तो था, लेकिन ध्वस्तीकरण को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। यह भी कहा कि उसे धार्मिक साहित्य पढ़ने का शौक है, जिसकी वजह से अलग-अलग देश के प्रोफेसरों की लिखी किताब पढ़ता था। जावेद से खुल्दाबाद पुलिस ने आय के स्रोत, संगठन, पारिवारिक पृष्ठभूमि सहित कई बिंदुओं पर सवाल किया, जिसका जवाब बड़ी चतुराई से दिया। करेली पुलिस ने भी असलहा से लेकर कई प्रश्न पूछे और कुछ का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कोर्ट ने दो दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की थी, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उससे लंबी पूछताछ की।

Edited By: Ankur Tripathi