प्रयागराज, जेएनएन। बुलंदशहर के स्याना थाना के पास 3 दिसम्बर को कथित गो हत्या की अफवाह के बाद हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व सुमित नाम के एक युवक की मौत के मामले में मुख्य आरोपी योगेश राज को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। योगेश राज पर हिंसा के साथ वहां मौजूद भीड़ को उकसाने का आरोप है। बजरंज दल देता योगेश राज की जमानत याचिका पर बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने योगेशराज के अधिवक्ता आनंदपति तिवारी व अपर शासकीय अधिवक्ता को सुनकर दिया है।

योगेश राज तीन दिसंबर 2018 को बुलंदशहर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी है। हिंसा में जमकर आगजनी, पथराव, तोडफ़ोड़ हुई थी। हिंसा के दौरान पुलिस निरीक्षक सुबोध सिंह की मौत हो गई थी। योगेश राज पर भीड़ को उकसाने का आरोप है।

अधिवक्ता आनंदपति तिवारी का कहना था कि इस मामले के अन्य आरोपियों की जमानत मंजूर हो चुकी है। इस हिंसा में कुल 33 लोगों को हिरासत में लिया गया था। योगेश राज काफी समय से जेल में निरुद्ध हैं, उसकी भी 26 अगस्त को कई अन्य धाराओं में जमानत मंजूर हो चुकी है। सिर्फ बाद में जोड़ी गई आइपीसी की धारा 124ए में जमानत होना शेष था। आनंदपति ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने योगेश राज की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हिंसा के मुख्य आरोपियों में योगेश राज का नाम शामिल है। योगेश राज की रिहाई में एक सप्ताह का वक्त लग सकता है। उस घटना के वक्त आरोपी बजरंगदल का जिला संयोजक था। इस हिंसा के एक महीने बाद जाकर योगेश राज की गिरफ्तारी हो सकी थी। योगेश राज के खिलाफ देशद्रोह का मामला चल रहा है, जिसमें आरोपी को जमानत मिली है।

बुलंदशहर के कोतवाली स्याना के गांव चिंगरावठी में तीन दिसम्बर गोकशी के बाद हिंसा हुई थी, जिसमें एक युवक सुमित और इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्याना थाना क्षेत्र के चिंगरावठी इलाके में हुई इस हिंसा में सीओ समेत कुछ पुलिसकर्मी जख्मी भी हुए थे। यह हिंसा उस समय हुई थी, जब क्षेत्र में तीन दिन से चल रहे मुस्लिम समुदाय के इज्तिमा का समापन था। इस मामले में अब तक 44 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पुलिस के मुताबिक इलाके में गोकशी की अफवाह फैलने के बाद आसपास के कई गांव से लोग चिंगरावठी चौकी पहुंच गए थे। इसके बाद थाने में जमकर बवाल किया गया था। इस दौरान जब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार भीड़ को समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनको गोली मार दी गई। गोली लगने के बाद इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी। बुलंदशहर हिंसा के आरोपी जब बेल पर जेल से बाहर आए थे, तब जय श्री राम और वंदे मातरम के नारों के बीच उनका स्वागत किया गया था।  

Posted By: Dharmendra Pandey

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