प्रयागराज, जेएनएन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में मौत मामले की जांच कर रही सीबीआइ की टीम मठ में कई सीसीटीवी कैमरा खराब होने के कारण हैरान है। इतना ही नहीं महंत नरेन्द्र गिरि के कमरे के बाहर लगा कैमरा भी काम नहीं कर रहा है। सीबीआइ ने सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है। विशेषज्ञ इसकी जांच में लगाए जाएंगे।

महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मृत्यु की जांच कर रही सीबीआइ की टीम श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में शनिवार से ही जांच कर रही है। सोमवार को सीबीआइ टीम उस समय हैरान रह गई जब उसको मठ में लगे 16 सीसीटीवी कैमरा में से अधिकांश खराब मिले। मठ के प्रथम तल पर कमरे से नीचे आने के रास्ते में लगे महंत नरेन्द्र गिरि के कमरे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का विजुअल सीबीआइ को नहीं मिला है।

मठ में जिस कमरे में महंत नरेन्द्र गिरि का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था, उस कमरे के बाहर लगा कैमरा भी काम नहीं कर रहा है। इसके बाद भी इस केस की जांच कर रही सीबीआइ ने फिलहाल सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है। सीबीआइ अब इसकी विशेषज्ञों से जांच कराएगी।

सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर विप्लव चौधरी और मुख्य जांच अधिकारी केएस नेगी के नेतृत्व में सीबीआइ की टीम के साथ सीएफएसएल टीम 25 सितंबर से महंत नरेन्द्र गिरि की मृत्यु के कारणों की जांच कर रही है। सीबीआइ इसकी पड़ता कर रही है कि महंत की हत्या की गई है या फिर उन्होंने आत्महत्या की है।

सीबीआइ टीम ने श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो इसमें घटना के समय की कोई फुटेज नहीं थी। इसके बारे में जब मठ में रहने वाले सेवादारों और शिक्षकों से इस बारे में पूछा गया तो वह सही से इसका जवाब नहीं दे सके। सीबीआइ को बताया गया कि संभवत उस समय बिजली कटी हुई थी जिस कारण सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे।

सोमवार को फिर सीन रिक्रीएशन

सीबीआइ की टीम ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में आज फिर सीन -री-क्रिएशन किया। सीबीआइ की टीम सोमवार सुबह करीब दस बजे अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघम्बरी गद्दी पहुंची। टीम ने यहां पर महंत नरेन्द्र गिरि के कमरे को खुलवाकर फिर सीन रि क्रीएशन किया। सीबीआइ ने इससे पहले भी रविवार को भी करीब 13 घंटे पूछताछ व पड़ताल की थी। सोमवार को भी श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के उस कक्ष में सीन री-क्रिएशन किया गया , जहां महंत का शव फंदे से लटका मिला था।  

Edited By: Dharmendra Pandey