प्रयागाराज, जागरण संवाददाता। अबकी माघ मेला में मुसीबतों का डेरा हो गया है। हालत यह है कि मेला शुरू होने पर भी संगम क्षेत्र में तमाम कल्पवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कुछ शिविरों में न तो पानी का प्रबंध है और ही बिजली का। गंगा स्नान के बाद कल्पवासियों को भजन तथा कीर्तन में समय बिताना चाहिए लेकिन वह अभी बिजली विभाग और नलकूप विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

मेले में अब तक कई रोड पर चकर्ड प्लेट भी नहीं

मेले के सेक्टर चार और पांच में कई स्थानों पर चकर्ड प्लेट भी नहीं डाली गई है। कीचड़ और दलदली जमीन के कारण यहां पर पैदल चलना भी कठिन है। प्रतापगढ़ के रोशन सिंह, मिर्जापुर के मेवा लाल पटेल, कौशांबी के चंद्रदेव सिंह और सुल्तानपुर के राम सजीवन यादव पिछले कई वर्ष से कल्पवास कर रहे है। यह लोग रविवार को कल्पवास करने आए। बताया कि हमेशा कल्पवास के पहले बिजली, पानी और सड़क का इंतजाम रहता था। लेकिन इस बार शिविर के कुछ स्थानों पर ही पानी की पाइप लाइन लगाई गई है। बिजली का भी इंतजाम ठीक नहीं है। जहां शिविर लगाने को मिला है वहां पर दलदल है। मेला के दौरान बड़ी संख्या में लोग शिविर में आते हैं । इसी तरह से अव्यवस्था रहेगी तो कैसे लोग भजन कीर्तन करेंगे समझ से परे है।

लगातार हो रहा मेला क्षेत्र में कटान

माघ मेला क्षेत्र में लगातार कटान हो रहा है। सिंचाई विभाग कटान रोकने में फेल हो रहा है। महावीर पुल से लेकर संगम नोज तक सोमवार को कटान तेजी से होता रहा। झूंसी की ओर सिंचाई विभाग बालू से मेड़ बांध कर कटान रोकने का इंतजाम किया था। त्रिवेणी और महावीर पुल के बीच में स्नान घाट भी कटान की चपेट में रहा।

Edited By: Ankur Tripathi