प्रयागराज, जेएनएन। लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा कराकर देवरिया जेल में बांधकर पीटने का मामला खासा सुर्खियों में रहा था। तब देवरिया जेल में पूर्व सांसद अतीक की तूती बोल रही थी। मोहित को पीटने के बाद बाहुबली अतीक ने कहा था... मजबूरी है, ये जेल है, वरना यहीं दफन कर देते। पुलिस को दिए बयान में मोहित ने बताया था कि अतीक ने काटकर फेकने की धमकी दी थी। इस दौरान अतीक का बेटा उमर भी वहां मौजूद था।

कारोबारी मोहित ने लखनऊ के कृष्णानगर थाने में केस दर्ज कराया था

विश्वेश्वर नगर, आलमबाग लखनऊ के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने लखनऊ के कृष्णा नगर थाने में मुकदमा लिखाया था, जिसमें 13 गंभीर धाराएं लगी हैं। देवरिया जेल में पिटाई का मामला मीडिया में आया तो खलबली मच गई। लखनऊ पुलिस ने देवरिया जेल में जाकर अधिकारियों, कर्मचारियों व बंदी रक्षकों समेत कई लोगों के बयान लिए थे। अंत में पुलिस ने अतीक अहमद, फारूख जकी, अहमद, जफरउल्लाह और गुलाब सरवर समेत आठ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। जेल में पिटाई पर बवाल के बाद अतीक अहमद को वहां से बरेली जेल शिफ्ट कर दिया। उसी दौरान मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। 

उमर के खिलाफ नहीं दाखिल हुआ आरोप पत्र

मोहित जायसवाल की शिकायत पर इस मामले में 28 दिसंबर, 2018 को कृष्णानगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। वहीं उमर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं करने पर पुलिस की किरकिरी हुई। जबकि मोहित का दावा रहा कि उमर की मौजूदगी में घटना हुई।

देवरिया जेल के अफसरों पर हुआ था मुकदमा

देवरिया जेल में पिटाई के मामले का सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेते ही देवरिया जेल के अधिकारियों को निलंबित किया गया। उसके बाद जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी की तहरीर पर पांच मई को पूर्व जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय, पूर्व जेलर मुकेश कटियार, पूर्व डिप्टी जेलर देवनाथ यादव, पूर्व हेड वार्डर मुन्ना पांडेय और राकेश शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। सीबीआइ इस मुकदमे को भी टेकओवर कर जेल के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की तैयारी में है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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