प्रयागराज, जेएनएन। कौशांबी में जिला उद्योग विभाग ने बेरोजगारी से जूझ रहे युवकों को खुद का कारोबार शुरू करने के लिए 55 लोगों ने ऋण लिया है। ऋण लेने के कई लाभार्थियों ने तैयार किए गए स्टीमेट के मुताबिक कार्य नहीं कार्य नहीं शुरू किया। इसकी वजह से युवक स्वरोजगार ने नहीं जुड़ पा रहे है। साथ ही बैंकों की ओर से दिए गए ऋण की वापसी नहीं हो पा रही है। मामला प्रकाश के आने के बाद सहायक आयुक्त जिला उद्योग ने जांच शुरू करा दी है। ऋण लेने के बाद कारोबार शुरू न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। 

 55 बेरोजगारों के बीच लोन की संस्तुति

जिला उद्योग विभाग ने विभिन्न योजनाओं के लिए वर्ष 2017-18 में 55 बेरोजगारों के बीच 4.53 करोड़ रुपये लोन की संस्तुति की है। विभागीय संस्तुति के बाद विभिन्न बैंकों से उन्होंने दिया। चयनित लाभार्थियों को को जिला उद्योग विभाग की ओर से सवा करोड़ का अनुदान भी दिया गया। 

विभागीय जांच शुरू हो गई है

ऋण लेने के बाद बेरोजगारों ने धन का सही प्रयोग किया कि नहीं इस बात की जांच अब विभाग ने शुरू कर दी है। विभाग लोन लेने वालों की स्थापित इकाइयों का निरीक्षण कर इस बात की पुष्टि करेगा कि उसके द्वारा दिए गए धन का सदुपयोग किया गया है अथवा नहीं, यदि किसी ने भी लोन के धन का सही प्रयोग नहीं किया तो विभाग उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए दिए गए लोन की वसूली करेगा। जिला उद्योग विभाग में तैनात इंस्पेक्टरों को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। वह एक सप्ताह में जांच कर इसकी रिपोर्ट सहायक आयुक्त को देंगे।

क्या कहते है अधिकारी

कौशांबी के सहायक आयुक्त, जिला उद्योग दिनेश चंद्र शास्त्री कहते हैं कि  विभाग की ओर से 55 इकाइयों के लिए 4.53 करोड़ का लोन स्वीकृत किया गया है। वह काम कर रहे हैं या नहीं इस बात का एक बार भी निरीक्षण नहीं हुआ है। जबकि इनकी रिपोर्ट हमेशा आती रही है। रिपोर्ट सही है या नहीं इसकी जांच के लिए निर्देश दिया गया है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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