जागरण संवाददाता, प्रयागराज: नेशनल हाईस्पीड रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने प्रयागराज में भी सर्वे शुरू कर दिया है। इस समय सहसों से हंडिया के बीच प्राथमिक सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे जल्द शुरू किया जाएगा।

दरअसल, रेल मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक नई दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए नेशनल हाईस्पीड रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को विस्तृत परियोजना रिपेार्ट तैयार करने का काम सौंपा है। नई दिल्ली-वाराणसी के बीच 865 किलोमीटर वाला हाईस्पीड रेल मार्ग लखनऊ, अयोध्या होते हुए प्रयागराज से भी गुजरेगा। इस रूट पर 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनाई जा रही है। सर्वे इंजीनियर के मुताबिक, सर्वे का काम इसी वर्ष पूरा किया जाना है। बताया जा रहा है कि नई दिल्ली से लखनऊ तक लिडार सर्वे किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते से लिडार सर्वे भी किया जाएगा। लिडार तकनीक की खासियत

लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) तकनीक से जमीन पर बनने वाले रास्तों का सर्वेक्षण हेलीकॉप्टर से किया जाता है। यह हेलीकॉप्टर लेजर युक्त सेंसर और स्पष्ट तस्वीर के लिए 60 मेगा पिक्सेल्स कैमरे से लैस होता है। अहमदाबाद मुंबई में भी इस तकनीक से सर्वे किया जा चुका है। नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल रूट पर यूपी के प्रयागराज समेत आगरा, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली जैसे शहर जुड़ेंगे। सर्वे कराया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों को प्राथमिक सर्वे का काम सौंपा गया है। मौसम साफ होने के बाद संभवत: प्रयागराज में भी अगले हफ्ते लिडार सर्वेक्षण कराया जाएगा। कुछ सप्ताह में इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी।

- सुषमा गौर, प्रवक्ता, एनएचएसआरसीएल

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