प्रयागराज, जेएनएन। नए कृषि कानून के विरोध में धरना, प्रदर्शन और हंगामा करने वाले नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस अब शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। अलग-अलग थानों में नामजद किए गए प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कोरोना महामारी, धारा 144 का उल्लंघन करने और रास्ता जाम करने के आरोप में एफआइआर दर्ज हुई है। पुलिस जल्द ही आरोपितों को नोटिस जारी करेगी। इसके बाद अभियुक्तों को जमानत करवाना पड़ेगा। 

विवेचना के दौरान अगर ऐसे लोगों का नाम सामने आता है, जिनके विरुद्ध पूर्व में मुकदमा पंजीकृत है तो उन्हें गिरफ्तार जेल भी भेजा जाएगा। उधर, कुछ पार्टी के नेताओं के बीच मुकदमा वापसी को लेकर भी रणनीति तैयार बनाने की बात कही जा रही है।

मंगलवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विभिन्न राजनीतिक दल और संगठनों ने कृषि कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के चलते किसी भी जगह प्रदर्शन हिंसक नहीं हुआ। अलबत्ता अलग-अलग स्थानों से 430 लोगों को गिरफ्तार किया गया और फिर अधिकांश को निजी मुचलके पर कुछ घंटे बाद छोड़ दिया गया। ट्रेन रोकने के आरोप में गिरफ्तार नौ सपाइयों को जेल भेज दिया गया। शाम को पुलिस ने शहर के सिविल लाइंस, कर्नलगंज, जार्जटाउन, धूमनगंज, कोतवाली समेत कई थाने में 46 मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई नेता नामजद हुए हैं। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कोरोना महामारी गाइड लाइन और निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया गया। सिविल लाइंस में रास्ता अवरुद्ध करने के चलते लोगों को परेशानी भी हुई। ऐसे में सभी आरोपितों के खिलाफ अब कार्रवाई की तैयारी।
 

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