प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक अनिल कुमार दोहरे की हत्या की साजिश रचने वाले अनवार अली और सुपारी लेने वाले दिलबहार को खोजने में पुलिस और क्राइम ब्रांच अभी तक नाकाम साबित हुई है। उनके महाराष्ट्र और गुजरात भागने की भनक लगी है। एक पुलिस टीम दोनों की तलाश में भेजने की बात कही जा रही है।

हत्या की वारदात को कातिलों ने ऐसे दिया था अंजाम

कालिंदीपुरम कॉलोनी से 19 जुलाई की सुबह मऊआइमा स्थित बैंक जाते समय रास्ते में बाइक सवारों ने कार के भीतर अनिल कुमार दोहरे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने वारदात की रेकी करने वाले इश्तियाक को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। उसने तीन शूटरों और सुपारी लेने वाले दिलबहार का नाम बताया। पुलिस बैंक के भवन मालिक अनवार को वारदात का सूत्रधार मान रही है जो घटना के बाद से ही फरार चल रहा है।

चेस्ट प्रभारी के कस्टडी रिमांड के लिए दी अर्जी

बैंक ऑफ इंडिया की सुलेमसराय शाखा में 4.25 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी करेंसी चेस्ट प्रभारी वशिष्ठ राम को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी है। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट द्वारा उसे कस्टडी रिमांड पर देने का फैसला किया जाएगा। बैंक से सवा चार करोड़ रुपये के गबन का खुलासा तीन जुलाई को आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान हुआ। इसके बाद बैंक मैनेजर ने करेंसी चेस्ट प्रभारी वशिष्ठ राम, कारोबारी एसके मिश्रा और उसके बेटे के खिलाफ धूमनगंज थाने में मुकदमा लिखाया।

पुलिस की छापेमारी में आरोपित नहीं मिला था

बलिया में पुलिस ने छापेमारी की लेकिन वशिष्ठ पुलिस को नहीं मिला। दो अगस्त को उसने यहां कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मुकदमे के विवेचना अधिकारी ने नैनी जेल जाकर वशिष्ठ राम का बयान दर्ज किया। उसने बैंक में एसके मिश्रा की पत्नी के खाते की जानकारी दी। विवेचना अधिकारी सियाकांत चौरसिया ने बताया कि वशिष्ठ को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। उसे रिमांड पर लेकर बैंक की सवा करोड़ रुपये की रकम व्यापारी को देकर ब्याज उगाहने के इस मामले में तमाम पूछताछ की जानी है।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस