प्रयागराज, जागरण संवाददाता। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का संघटक ईश्वर शरण पीजी कालेज भविष्य में क्लस्टर विश्वविद्यालय के तौर पर अपनी नई पहचान बना सकता है। इसके लिए महाविद्यालय की तरफ से कवायद भी शुरू कर दी गई है। स्वायत्त संस्थान के तौर पर केंद्रीय दर्जा पाने के लिए जल्द ही राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।

बापू, शास्त्री जी और मोरार जी आए थे यहां

दरअसल, ईश्वर शरण पीजी कालेज में सालभर पहले आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल ने कालेज के अतीत का जिक्र करते हुए कहा था कि यहां इतनी सुविधाएं हैं कि इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना चाहिए। इस संस्थान में महात्मा गांधी तीन बार आए। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और मोरारजी देसाई भी यहां आ चुके हैं। इसके अलावा राजेंद्र प्रसाद के नाम से यहां छात्रावास है और निर्मला देशपांडे के नाम पर एक बड़ा सभागार बना है। राज्यपाल ने इन्हीं विशेषताओं के आधार पर इसे विश्वविद्यालय का दर्जा देने की बात कही थी। फिलहाल तमाम तकनीकी अड़चनों की वजह से विश्वविद्यालय का दर्जा महाविद्यालय के हाथ से निकल गया। यदि प्रदेश सरकार इसे विश्वविद्यालय का दर्जा देती है तो कालेज का केंद्रीय दर्जा छिन जाएगा। इसका प्रभाव शिक्षकों औरा कर्मचारियों के वेतन व पेंशन आदि पर भी पड़ेगा। ऐसे में अब महाविद्यालय इसे केंद्रीय स्वायत्त संस्थान के रूप में मान्यता दिलाने का प्रयास कर रहा है।

मिलेगा गांधी दर्शन और विचार को बढ़ावा

आल इंडिया हरिजन सेवा संघ ईश्वर शरण आश्रम के तहत संचालित इस कालेज को यदि केंद्रीय दर्जा मिलता है तो यहां दलितों, वंचितों के उत्थान के लिए अलग से केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। गांधी दर्शन और गांधी विचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कालेज प्रशासन प्रस्ताव तैयार कर रहा है। केंद्रीय दर्जा मिलने पर इसे क्लस्टर यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्राचार्य ने यह बताया

पिछले दिनों राज्यपाल ने कालेज के इतिहास को ध्यान में रखते हुए इसे विश्वविद्यालय का दर्जा देने पर जोर दिया था। उनसे मिले प्रोत्साहन के आधार पर हम आगे बढ़ रहे हैं। कालेज को केंद्रीय स्वायत्त संस्थान का दर्जा मिलने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

- प्रोफेसर आनंद शंकर सिंह, प्राचार्य, ईश्वर शरण पीजी कालेज

Edited By: Ankur Tripathi